एसजीपीजीआई में इसी टीम ने कराया महिला का प्रसव।
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संजय गांधी पीजीआई के चार विभागों के डॉक्टरों ने गर्भवती महिला की दो जटिल सर्जरी कर जच्चा-बच्चा की जान बचाने में कामयाबी हासिल की है। सिजेरियन से प्रसव कराने के तुरंत बाद ओपन सर्जरी कर महिला के दिल के दो वॉल्व बदले गए। 2.1 किलो वजन की जन्मी बेटी और पहली बार मां बनी महिला दोनों स्वस्थ हैं। संस्थान के डॉक्टरों के मुताबिक प्रदेश में इस तरह का पहला और देशभर में चौथा मामला है।
मैटरनल एंड रिप्रोडक्टिव हेल्थ (एमआरएच) विभाग की डॉ. नीता सिंह के मुताबिक महिला को गर्भावस्था के 32वें हफ्ते में गंभीर रूप से सांस लेने में तकलीफ और धड़कन तेज होने की समस्या बढ़ने पर परिजन संस्थान लेकर आए।
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जांच में पता चला कि महिला दिल के वॉल्व की गंभीर रूमैटिक हार्ट डिजीज से पीड़ित थी। एमआरएच, कार्डियोलॉजी और सीवीटीएस विभाग के डॉक्टरों ने 21 जुलाई को उसके दो जटिल ऑपरेशन किए।
सबसे पहले सुरक्षित प्रसव कराया गया। इसके तुरंत बाद ओपन हार्ट सर्जरी से महिला के दोनों वॉल्व बदल दिए। ऑपरेशन के कुछ ही घंटों में वह सामान्य स्थिति में आ गई। संस्थान के निदेशक पद्मश्री डॉ. आरके धीमन ने जटिल ऑपरेशन करने वाली टीम को बधाई दी है।
ऑपरेशन टीम में ये रहे मौजूद
एमआरएच विभाग की डॉ. नीता सिंह, डॉ. मोनाली वी. खेरगाडे, एचओडी डॉ. मंदाकिनी प्रधान, रेजिडेंट डॉ. अपराजिता, डॉ. प्रज्ञा और डॉ. साहिती, सीवीटीएस विभाग के डॉ. एम. मुंशी, डॉ. शांतनु पांडेय, एचओडी डॉ. एसके अग्रवाल, रेजिडेंट डॉ. सौरभ त्रिपाठी और डॉ. विवेक। कार्डियोलॉजी विभाग के डॉ. सत्येंद्र तिवारी, डॉ. रुपाली खन्ना और रेजिडेंट डॉ. हर्षित खरे व एनेस्थीसिया विभाग के डॉ. अमित रस्तोगी, डॉ. लाराब शेख और रेजिडेंट डॉ. श्रद्धा गांगेले, डॉ. सरबानी घोष, डॉ. शिवेंद्र प्रताप सिंह।