दक्षिणी पूर्वी उत्तर प्रदेश के विन्ध्य एवं बुंदेलखंड क्षेत्र के कुछ जिलों में 6 जून से लू चलने के आसार हैं। प्रयागराज के साथ ही आगरा, हमीरपुर, अयोध्या, चुर्क, वाराणसी, बलिया और कानपुर एयरफोर्स में पारा 40 पार रिकार्ड किया गया।
बारिश-आंधी का दौर अब प्रदेश में थम गया है। पारे ने रफ्तार पकड़नी शुरू कर दी है। प्रयागराज में शनिवार को पारा 43 डिग्री पहुंच गया। आंचलिक मौसम विज्ञान केंद्र के वरिष्ठ मौसम वैज्ञानिक अतुल कुमार सिंह के मुताबिक दक्षिणी पूर्वी उत्तर प्रदेश के विन्ध्य एवं बुंदेलखंड क्षेत्र के कुछ जिलों में 6 जून से लू चलने के आसार हैं। प्रयागराज के साथ ही आगरा, हमीरपुर, अयोध्या, चुर्क, वाराणसी, बलिया और कानपुर एयरफोर्स में पारा 40 पार रिकार्ड किया गया।
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मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि अभी तो फिलहाल मौसम ऐसे ही रहेगा, पर जून के दूसरे सप्ताह में भीषण गर्मी के आसार बन रहे हैं। वहीं बृहस्पतिवार को बादल आते जाते रहने के आसार हैं। पारे में बहुत ज्यादा बदलाव नहीं होगा।
वरिष्ठ मौसम विशेषज्ञ एचआर रंजन के मुताबिक, फिलहाल जो सिस्टम नजर आ रहा है, उसके मुताबिक, सात जून से 11 जून तक भीषण गर्मी के संकेत मिल रहे हैं। इस बीच पारा 45 से 46 डिग्री तक पहुंच सकता है। गर्म हवा बेहाल करेगी। हालांकि 18 से 21 तक लखनऊ संग पूरे पूर्वी उत्तर प्रदेश में बादलों का डेरा रहने से राहत मिलेगी, हल्की बूंदाबांदी होने की भी संभावना है। 22-23 में मानसून उत्तर प्रदेश में पहली बारिश करेगा। हालांकि संभावित तारीख 18 जून है।
आंधी-तूफान, गर्मी-बारिश के रिकॉर्ड बनाकर मई माह की विदाई हो गई। इस मई में अधिकतम तापमान 31.2 डिग्री तक पहुंच गया। आंचलिक मौसम विज्ञान केन्द्र के वरिष्ठ मौसम वैज्ञानिक अतुल कुमार सिंह के मुताबिक, इससे पहले 2008 अधिकतम तापमान 31.2 डिग्री सेल्सियस पहुंचा था। इतना ही नहीं मई में अधिकतम तापमान पहले के वर्षों में 44.7 तक पहुंचा था, इस साल तो यह 41.6 डिग्री पर सिमट गया।
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बारिश भी तुलनात्मक रूप से ज्यादा, मई में 39.9 मिमी बरसा वरिष्ठ मौसम वैज्ञानिक मो. दानिश के मुताबिक, एक मई से 29 मई तक लखनऊ एयरपोर्ट पर 39.9 मिमी बारिश रिकॉर्ड की गई। 4 मई को सर्वाधिक 12.7 मिमी बारिश हुई थी। 2011 से 2022 तक के उपलब्ध आंकड़ों पर नजर डालें तो 2020 की मई में एक दिन में 58.6 मिमी पानी बरस गया था। अन्य वर्षों में 2.1 से 21 मिमी तक अधिकतम बरसात रिकॉर्ड की गई। इस लिहाज से मई 2023 में ज्यादा पानी बरसा।