अंडरग्राउंड नाले के साथ एक मकान की फर्श धंस गई
जिस विक्रमादित्य मार्ग पर पूर्व रक्षा मंत्री और समाजवादी पार्टी के संस्थापक मुलायम सिंह यादव की कोठी है वह अब खतरनाक हो गया है। यह खतरा यहां अंग्रेजों के समय जमीन के करीब 30 फीट नीचे बनाए गए अंडरग्राउंड आर्च नाले (सीवर लाइन) के जगह-जगह धंसने से पैदा हुआ है।
इस समय भी मुलायम सिंह यादव के पांच विक्रमादित्य मार्ग आवास के सामने सड़क का एक बड़ा हिस्सा और उससे कुछ आगे एक व्यक्ति के घर के अंदर फर्श का बड़ा भाग धंस गया है। आगे भी यह नाला कब बैठ जाएगा, कुछ कहा नहीं जा सकता। इस कारण यहां रहने वालों में दहशत का माहौल है।
वहीं, जलकल विभाग ने उन दस परिवारों को नोटिस जारी कर तत्काल कब्जा हटाने को कहा है जिन्होंने अंडर ग्राउंड नाले के ऊपर ही अवैध रू प से घर व दुकान बना ली है। विक्रमादित्य मार्ग पर मुलायम सिंह की कोठी से चंद कदम आगे कैबिनेटगंज मोहल्ला है। यहां एसके भदौरिया का पुश्तैनी मकान है।
वे बताते हैं कि यहां जमीन में करीब 30 फीट नीचे पुराने जमाने का आर्च नाला है। पिछले साल यह छह अलग-अलग जगह धंस गया था। कुछ दिन पहले उनके घर के अंदर भी धंस गया। बताया कि जिस समय नाला धंसा उस समय उनकी पत्नी घर में टहल रही थी।
अचानक उन्हें लगा कि फर्श कुछ दब रही है। वह पैर से उसे दबा ही रही थीं कि फर्श भरभराकर बैठ गई और वह उसमें गिर गईं। पड़ोस के दो युवक बचाने के लिए उन्हें खींचने लगे तो वे भी मिट्टी धसकने से गिर गए। इसके बाद और लोग आए तो किसी तरह सबको बाहर निकाला गया। गनीमत रही कि किसी को गम्भीर चोट नहीं आई।
सुरंगनुमा है नाला, अंदर ही अंदर आरपार जा सकता है व्यक्ति
धंसी फर्श
एसके भदौरिया ने बताया कि यह सुरंगनुमा नाला करीब चार फीट चौड़ा है। इसके अंदर ही अंदर कोई भी व्यक्ति आसानी से आ-जा सकता है।
इस नाले में माल एवेन्यू इलाके तक का पानी आता है। नाला कैबिनेटगंज होते हुए पिपराघाट की ओर गोमती में जाकर मिलता है। यह जगह- जगह से धंस रहा है। अभी यह नाला दो जगह धंस चुका है। इसके अलावा पुलिया के पास जमीन में दरार आ गई है और यह भी किसी दिन धंस सकती है।
जलकल विभाग ने निर्माण हटाने को कहा
जलकल विभाग के जोनल अभियंता कुमार गौरव का कहना है कि आर्च वाला नाला जर्जर हो चुका है। इस बार यह पांच विक्रमादित्य मार्ग पर मुलायम सिंह यादव के आवास के सामने धंस गया है। इसके आगे भी एक व्यक्ति के घर के अंदर नाला धंसा है।
इसके बाद कहां धंस जाएगा, कु छ कहा नहीं जा सकता। बताया कि भूमिगत नाले पर कुछ लोगों ने अवैध रूप से निर्माण कर लिया है। जिन्होंने नाले के ऊपर मकान बना लिए हैं उन्हें नोटिस जारी किया गया है कि वे अपना निर्माण हटा लें वरना जलकल विभाग किसी हादसे के लिए जिम्मेदार नहीं होगा। इसके साथ पीडब्लूडी को पत्र भेजा गया कि वह खतरे को देखते हुए कब्जों को तत्काल हटवा दे।
इन्हें जारी किया गया नोटिस
एसके भदौरिया, राजू कश्यप, संगम, रामआसरे, डेनिस, रामचंदर, प्रताप, रमेश कनौजिया, गोविंद सिंह व अनिल।
पुरानी सीवर लाइन जर्जर हो गई है। यह आए दिन धंस जा रही है। मरम्मत के बाद भी काम नहीं चल पा रहा। इस कारण अब विक्रमादित्य मार्ग और उसके आसपास के क्षेत्र को शामिल करते हुए नई सीवर लाइन डालने का प्रोजेक्ट अमृत योजना में बनाया जा रहा है। इसके लिए सर्वे हो रहा है। जल्द ही प्रोेजेक्ट को तैयार कर मंजूरी के लिए शासन भेज दिया गया जाएग।
-डीएन यादव, महाप्रबंधक, जल निगम