अधिकारियों को विशेष प्रशिक्षण भी दिया गया
बाल यौन शोषण के मामलों में भी नेटवर्क ने 1,076 बच्चों को न्याय और संरक्षण दिलाने में सहयोग किया। बच्चों के खिलाफ अपराधों पर प्रभावी नियंत्रण के लिए वर्ष 2025-26 में 1,585 कानून प्रवर्तन अधिकारियों को विशेष प्रशिक्षण भी दिया गया।
इसके अलावा रोकथाम आधारित उपायों को मजबूत करने के लिए 6 लाख से अधिक संवेदनशील और जोखिमग्रस्त परिवारों को विभिन्न सरकारी कल्याणकारी योजनाओं से जोड़ने में सहायता प्रदान की गई। जेआरसी के संस्थापक भुवन ऋभु ने कहा कि वर्ष 2027 तक उत्तर प्रदेश को बाल श्रम मुक्त बनाने का लक्ष्य राज्य सरकार की प्रतिबद्धता को दर्शाता है। उन्होंने कहा कि सरकार के सहयोग से स्थापित किए जा रहे 20 हजार से अधिक ‘सुरक्षित बाल ग्राम’ बच्चों की सुरक्षा, शिक्षा और सशक्तिकरण के लिए देश ही नहीं बल्कि दुनिया के लिए भी एक आदर्श मॉडल बन सकते हैं।