जाापान और यूपी के बीच हुए समझौते।
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सीएम योगी ने कहा कि आठ वर्षों में हमने प्रदेश में निवेश के लिए बेहतरीन माहौल तैयार किया है। रेल, रोड, एयर और वॉटर वेज की बेहतरीन कनेक्टिविटी है। उत्तर प्रदेश ने स्वयं को 13 वर्तमान एवं आगामी एक्सप्रेसवेज़ के साथ ''एक्सप्रेसवे राज्य'' के रूप में स्थापित किया है। उन्होंने कहा कि यामानाशी प्रीफेक्चर और उत्तर प्रदेश दोनों में एक बड़ी साम्यता है। दोनों ही लैंडलॉक्ड स्टेट हैं, दोनों की अपनी सीमाएं हैं। उत्तर प्रदेश ने अपनी इस समस्या को एक चुनौती के रूप में लिया है और अब हमने ड्राई पोर्ट्स को विकसित किया है।
सीएम ने बताया कि वाराणसी में 100 एकड़ में भारत का पहला फ्रेट विलेज'' विकसित हो रहा है। सीएम ने कहा कि जापान और भारत के बीच शताब्दियों से गहरे सांस्कृतिक संबंध रहे हैं। भगवान गौतम बुद्ध के पिता महाराज शुद्धोधन की राजधानी कपिलवस्तु, पहला उपदेश स्थल सारनाथ, सर्वाधिक चातुर्मास प्रवास स्थल श्रावस्ती, महापरिनिर्वाण स्थली कुशीनगर सहित भगवान बुद्ध के अनेक स्मृतियां यहां संजोयी गई हैं। भगवान बुद्ध के इस स्थलों को आपस मे जोड़ते हुए हमने बौद्ध सर्किट विकिसित किया है। उन्होंने इन स्थलों पर जाने का अनुरोध किया। जापान के यामानाशी प्रांत के माननीय राज्यपाल कोटारो नागासाकी ने कहा कि यामानाशी प्रीफेक्चर और उत्तर प्रदेश के मध्य आध्यात्मिक एवं ऐतिहासिक संबंध रहे हैं। उन्हाेंने एमओयू पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि जापान लेबर स्किल्ड डवलपमेंट, रिन्यूएबल एनर्जी, हाइड्रो पॉवर, ज्ञान और तकनीक के आदान प्रदान में परस्पर सहयोग प्रदान करेगा।