लखनऊ। 150 वर्षों से अधिक पुराने इतिहास, शैक्षणिक उत्कृष्टता और सांस्कृतिक गरिमा की पहचान लखनऊ विश्वविद्यालय मंगलवार को अपना 105वां स्थापना दिवस मनाएगा। मालवीय सभागार में होने वाला यह भव्य आयोजन न सिर्फ विश्वविद्यालय की शैक्षणिक उपलब्धियों का उत्सव होगा, बल्कि पूर्व छात्रों, वर्तमान विद्यार्थियों और शिक्षकों के बीच पीढ़ियों को जोड़ने वाला ऐतिहासिक अवसर भी बनेगा।
कार्यक्रम में सांस्कृतिक विविधता की अद्भुत झलक देखने को मिलेगी। प्रो. अंचल श्रीवास्तव के निर्देशन में भारतीय व अंतरराष्ट्रीय छात्र भरतनाट्यम, कथक, बिहू, राजस्थानी नृत्य के साथ शिव-तांडव प्रस्तुत करेंगे। वहीं श्रीलंका, पोलैंड, केन्या और ट्यूनीशिया के छात्र अपनी पारंपरिक विरासत का रंग बिखेरेंगे। यह प्रस्तुति विश्वविद्यालय की बहुसांस्कृतिक पहचान एवं वैश्विक समावेशी वातावरण का सशक्त प्रत्यक्ष प्रमाण होगी। समारोह के मुख्य अतिथि उत्तर प्रदेश सरकार के वित्त मंत्री सुरेश खन्ना होंगे। एलुमनाई फाउंडेशन के महासचिव प्रो. सुधीर मेहरोत्रा विशिष्ट पूर्व छात्रों के लिए उद्धरण-पत्र पेश करेंगे।
इस वर्ष इन आठ विभूतियों को मिलेगा सम्मान
लक्ष्मी सिंह (आईपीएस अधिकारी)
प्रबोध सेठ (सदस्य, सीबीडीटी)
न्यायमूर्ति मनीष कुमार (हाईकोर्ट, प्रयागराज)
प्रो. एस.पी. दीक्षित (पूर्व विभागाध्यक्ष, हिंदी)
प्रो. जीजी. सनवाल (पूर्व प्रो-वीसी, बायोकेमिस्ट्री)
डॉ. अनिल रस्तोगी (प्रख्यात रंगकर्मी व अभिनेता)
पी.एन. श्रीवास्तव (धार्मिक प्रवचनकर्ता)
अखिलेश सिंह (वरिष्ठ पत्रकार)
स्थापना दिवस की पूर्व संध्या पर सजाया गया लविवि। -अमर उजाला
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स्थापना दिवस की पूर्व संध्या पर सजाया गया लविवि। -अमर उजाला
स्थापना दिवस की पूर्व संध्या पर सजाया गया लविवि। -अमर उजाला
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