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Lucknow News: प्रो. राय ने नई योजनाओं, नए प्रयोग से लखनऊ विश्वविद्यालय को दीं नई ऊंचाइयां

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लखनऊ। देश में सबसे पहले राष्ट्रीय शिक्षा नीति (एनईपी) लागू करना, प्रदेश के किसी भी सरकारी विश्वविद्यालय को नैक में एप्लस प्लस ग्रेडिंग दिलाना, सबसे पहले पार्ट टाइम पीएचडी शुरू करना। ऐसी ही कई प्रमुख उपलब्धियां रही जिन्होंने प्रो. आलोक कुमार राय के लगातार दूसरी बार लखनऊ विश्वविद्यालय का कुलपति बनने का रास्ता बनाया।
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प्रो. राय ने अपने तीन साल के कार्यकाल में न सिर्फ नई योजनाएं लागू की बल्कि नए प्रयोग भी किए और विश्वविद्यालय को नई ऊंचाइयों पर भी पहुंचाया। यही वजह रही कि उन पर दोबारा विश्वास जताया गया है। साथ ही प्रदेश के विश्वविद्यालयों की गुणवत्ता और रैंकिंग बेहतर करने के लिए भी वह काम कर रहे हैं। प्रो. राय ने अपने कार्यकाल में नैक में एप्लस प्लस ग्रेडिंग दिलाने से पहले 2020 में ही परास्नातक कोर्सों में और 2021 में स्नातक कोर्सों में एनईपी लागू की थी। इसके बाद से विश्वविद्यालय काफी चर्चा में आया।
इतना ही नहीं प्रो. राय के समय में एनईपी के तहत डीलिट, पीएचडी व पीजी के नए अध्यादेश तैयार कराकर पास किए गए और मल्टी डिसीप्लनरी एजुकेशन के लिए भी काम किया गया। इसी तरह स्टूडेंटस के लिए ओडीपी, ट्री, वीसी केयर फंड, संवर्धन, कर्मयोगी, कर्मोदय आदि योजनाएं शुरू की। जिसने काफी छात्रों को लाभांवित किया। वहीं छात्रों के मानसिक स्वास्थ्य की बेहतरी के लिए हैप्पी थिंकिंग लैब की भी स्थापना की।
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उन्होंने एडवांस एजुकेशन क ी ओर कदम बढ़ाते हुए इंस्टीट्यूट ऑफ मॉलीक्यूलर जेनेटिक्स एंड इंफेक्सियस डिजिजेज और योग एवं वैकल्पिक चिकित्सा संकाय की स्थापना भी की। लंबे समय से खाली शिक्षकों के पद भरे और कर्मचारियों को भी नियमित किया। जिसने विश्वविद्यालय में न सिर्फ क्वालिटी ऑफ एजुकेशन को बढ़ाया बल्कि प्रो. राय पर शिक्षकों, कर्मचारियों, विद्यार्थियों सभी का विश्वास भी बढ़ाया। उनके इन प्रयोगों ने विश्वद्यिालय को भी नई ऊंचाइयों तक पहुंचाया। वहीं प्रो. राय ने कहा कि अब वह इससे आगे की तैयारी में जुटेंगे।
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