लखनऊ। लखनऊ विश्वविद्यालय में स्नातक कक्षाओं (बीए, बीए ऑनर्स को छोड़कर) की सीटें पहले चरण की काउंसलिंग में ही भरने की संभावना दिख रही है। विवि द्वारा आयोजित की जा रही पहले चरण की काउंसलिंग में ही निर्धारित सीटों के सापेक्ष अधिक विद्यार्थियों ने अपना रजिस्ट्रेशन कराकर फीस जमा कर दी है। जबकि इसकी आखिरी तिथि 10 जून और चॉइस भरने की तिथि 12 जून है। ऐसे में कुछ विषयों को छोड़कर विवि को शायद ही दूसरे चरण की काउंसलिंग करानी पड़े।
विवि द्वारा विभिन्न स्नातक कोर्सों में प्रवेश के लिए ऑफ कैंपस ऑनलाइन काउंसलिंग 28 मई से शुरू हुई है। 28 मई से रजिस्ट्रेशन, डॉक्यूमेंट अपलोड व फीस जमा करने की प्रक्रिया चल रही है। बृहस्पतिवार दोपहर तक बीएलएड की 725 सीटों के सापेक्ष 920, बीकॉम की 790 सीटों के सापेक्ष 1276, बीएससी बायो की 280 सीटों के सापेक्ष 506, बीएससी मैथ की 477 सीटों के सापेक्ष 680, बीवोक रिन्यूएबल एनर्जी की 25 सीटों के सापेक्ष 5, बीसीए की 60 सीटों के सापेक्ष 120, बीवीए की 93 सीटों के सापेक्ष 126, एलएलबी पांचवर्षीय पाठ्यक्रम की 120 सीटों के सापेक्ष 122, बीबीए की 300 सीटों के सापेक्ष 400 विद्यार्थियों ने रजिस्ट्रेशन कराकर शुल्क जमा कर दिया है।
प्रवेश समन्वयक प्रो. अनिल मिश्रा ने बताया कि स्नातक कोर्सों में प्रवेश के लिए विद्यार्थियों का काफी अच्छा रुझान रहा है। अब तक काफी संख्या में विद्यार्थियों ने रजिस्ट्रेशन कराकर फीस जमा व चॉइस भर दी है। निर्धारित समय पूरा होने के बाद 15 जून को पहले चरण की काउंसलिंग का रिजल्ट जारी किया जाएगा। नियमत: मेरिट आदि के अनुसार विद्यार्थियों को सीट एलाटमेंट किया जाएगा। अगर सीटें बचती हैं तो दूसरे चरण की काउंसलिंग की जाएगी।
जाति-आय प्रमाण पत्र में गड़बड़ियां
प्रवेश समन्वयक प्रो. मिश्रा ने बताया कि विद्यार्थी प्रवेश काउंसलिंग के लिए दिए गए नियमों को ठीक से समझकर आवेदन नहीं कर रहे हैं। सबसे ज्यादा कमियां जाति व आय प्रमाण पत्र में आ रही हैं। उन्होंने बताया कि ओबीसी अभ्यर्थी अगर 1 जुलाई 2016 के बाद का जाति प्रमाण पत्र देता है तो उसे आय प्रमाण पत्र 1 जनवरी 2019 के बाद का देना होगा। किंतु वह जाति प्रमाण पत्र 2019 का देता है तो उसे आय प्रमाण पत्र देना जरूरी नहीं है। कई प्रमाण पत्र ऐसे अपलोड हो रहे हैं जो पढ़ने में नहीं आ रहे हैं। ऐसे में विद्यार्थी सोच-समझकर आवेदन करें। जिन अभ्यर्थियों के प्रमाण पत्र में कमी है, उन्हें मैसेज किया जा रहा है। वे निर्धारित तिथि के अंदर इसमें सुधार कर सकते हैं।