छात्राओं ने प्रोवोस्ट नीतम सिंह और मेस संचालक को तत्काल हटाने की मांग की है। मांग के समर्थन में छात्राओं ने बृहस्पतिवार को भोजन का बहिष्कार किया और उपवास रखा। कहा कि जब तक मेस की व्यवस्था में सुधार नहीं किया जाता और प्रोवोस्ट को हटाया नहीं जाता, उनका विरोध जारी रहेगा।
सोयाबीन में चूहों ने बच्चे दिए
लविवि छात्रावासों में चलने वाले मेस में स्थितियां बेहद खराब हैं। मेस में इस्तेमाल होने वाले सोयाबीन का एक वीडियो बृहस्पतिवार को सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था जिसमें साफ देखा जा सकता है कि उसमें चूहों ने अपने बच्चों को जन्म दिया हुआ है। यह वीडियो न्यू कैंपस के कौटिल्य छात्रावास के किचन का बताया जा रहा है। अमर उजाला वायरल वीडियो की पुष्टि नहीं करता है।
एफएसडीए की टीम पहुंची, किचन देखा
बुधवार की रात छात्राओं के हंगामे के बाद खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन (एफएसडीए) की टीम बृहस्पतिवार शाम गंगा गर्ल्स हॉस्टल पहुंची। टीम ने सहायक प्रोवोस्ट से मामले की जानकारी ली। इसके बाद में हॉस्टल के मेस का किचन देखा।
- सप्ताह में एक दिन कुलपति अब न्यू कैंपस में बैठेंगे।
- न्यू कैंपस के सभी छात्रावासों में प्रतिदिन एक घंटे की बैठक आयोजित होगी जिसमें छात्र छात्राएं अपनी समस्या बताएंगे।
- छात्रावास की क्षमता के अनुसार डाइनिंग एरिया में 25 प्रतिशत फर्नीचर की व्यवस्था सुनिश्चित की जाएगी।
- महिला छात्रावासों में भोजन परोसने के कार्य में पुरुषों की जगह अब महिला कर्मियों को प्राथमिकता दी जाएगी।
लखनऊ विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. जेपी सैनी का कहना है कि मेस से जुड़ी शिकायतों की जांच में गंभीर त्रुटियां सामने आई हैं। हैं। कुलसचिव को निर्देशित किया है कि पांच सदस्यीय समिति गठित कर मेस संचालकों को नोटिस जारी किया जाए। सभी मेस ठेकेदारों को अपना पक्ष रखने का एक मौका दिया जाएगा। संतोषजनक समाधान नहीं मिलने पर उनके अनुबंध समाप्त किए जाएंगे।
गंगा गर्ल्स हॉस्टल की प्रोवोस्ट डॉ. नीतम सिंह का कहना है कि छात्राओं के लगाए आरोपों पर मुझे कुछ नहीं कहना है। विश्वविद्यालय प्रशासन ही आरोपों पर कोई बयान जारी करेगा।