असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ. परमजीत सिंह
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राजधानी लखनऊ में छात्रा के साथ फोन पर वार्ता का ऑडियो वायरल होने के बाद चर्चा में आए लखनऊ विश्वविद्यालय के असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ. परमजीत सिंह पर बड़ी कार्रवाई हो सकती है। सोमवार को होने वाली आकस्मिक कार्यपरिषद की बैठक में कुलपति की अध्यक्षता में निर्णय होना है। जिस तरह से लविवि प्रशासन ने इस मामले में गंभीरता के साथ त्वरित एक्शन लिया है, उसे देखते हुए इस बात की प्रबल संभावना जताई जा रही है कि शिक्षक का निलंबन हो सकता है।
बीएससी अंतिम वर्ष की छात्रा को मोबाइल पर पेपर लीक कराने का प्रलोभन देकर अशोभनीय बातें करने वाले लविवि के जंतु विज्ञान विभाग में कार्यरत असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ. परमजीत सिंह के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर शनिवार को जेल भेज दिया गया था।
पुलिस ने आरोपी शिक्षक का लैपटॉप और मोबाइल भी कब्जे में ले लिए थे। कुलपति के निर्देश पर इंटरनल कंप्लेंट कमेटी (आईसीसी) ने 24 घंटे के भीतर शनिवार शाम को ही अपनी जांच पूरी कर ली थी।
अब सोमवार को कुलपति प्रो. जेपी सैनी की अध्यक्षता में होने वाली कार्यपरिषद की आकस्मिक बैठक में इसे प्रस्तुत किया जाएगा। सुबह 10 बजे से होने वाली बैठक 11 बजे तक संपन्न होने की बात कही जा रही है। विवि सूत्रों की मानें तो सोमवार को सुबह 11 बजे तक डॉ. परमजीत सिंह के मामले में फैसला आ सकता है।
ऐसा माना जा रहा है कि जांच रिपोर्ट में छात्रा के बयान भी दर्ज किए गए हैं। इसके आधार पर आरोपी डॉ. परमजीत सिंह पर निलंबन की गाज गिर सकती है। इस चर्चित मामले को लेकर लविवि के विद्यार्थियों से लेकर शिक्षक-कर्मचारियों तक की निगाहें कार्यपरिषद की बैठक पर लगी हुई हैं।