सीजेपी के प्रदर्शन के समर्थन में लखनऊ विश्वविद्यालय के छात्र सड़क पर उतरे।
लखनऊ। दिल्ली के जंतर-मंतर पर कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) के प्रदर्शन के समर्थन में रविवार को लखनऊ विश्वविद्यालय के छात्र भी उतरे। परिवर्तन चौक से विधानभवन और हजरतगंज की ओर मार्च कर रहे इन छात्रों को पुलिस ने हिरासत में ले लिया। इसके बाद सभी को ईको गार्डन स्थित धरनास्थल भेज दिया गया। वहां से बाद में इन्हें रिहा कर दिया गया। प्रदर्शनकारी छात्रों ने लोकतंत्र, मताधिकार और संवैधानिक मूल्यों की रक्षा की मांग उठाई।
बापसा के संस्थापक छात्र नेता मानव रावत ने कहा कि वोट देने का प्रत्येक नागरिक को समान अधिकार है। लोकतंत्र में अमीर-गरीब, जाति, धर्म और सामाजिक स्थिति के आधार पर किसी के मताधिकार का महत्व कम या अधिक नहीं हो सकता। लोहिया वाहिनी के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष एवं छात्र नेता अभिषेक श्रीवास्तव बाबू ने कहा कि जब तक ज्ञानेश कुमार इस्तीफा नहीं देते आंदोलन जारी रहेगा।
छात्र नेता अमितेश पाल ने कहा कि जंतर-मंतर पर चल रहे प्रदर्शन का समर्थन करना छात्रों की लोकतांत्रिक जिम्मेदारी का हिस्सा है। छात्रा लावण्या रावत और अश्विनी कुमार ने कहा कि लोकतंत्र में असहमति जताना और शांतिपूर्ण विरोध करना नागरिकों का संवैधानिक अधिकार है। प्रदर्शन में आर्यन रावत, आर्यन कुमार, मोहित कुमार, अंकित, शुभम भारती, चंदन, शैलेश, समीर रावत, अभिषेक कुमार, अतुल कुमार और नेहा कामले सहित अन्य छात्र मौजूद रहे।
सीजेपी के प्रदर्शन के समर्थन में लखनऊ विश्वविद्यालय के छात्र सड़क पर उतरे।
सीजेपी के प्रदर्शन के समर्थन में लखनऊ विश्वविद्यालय के छात्र सड़क पर उतरे।
सीजेपी के प्रदर्शन के समर्थन में लखनऊ विश्वविद्यालय के छात्र सड़क पर उतरे।