लखनऊ विश्वविद्यालय के पश्चिमी इतिहास व समाजशास्त्र विभाग की ओर से आयोजित बृहस्पतिवार को ''गिरमि
लखनऊ। लखनऊ विश्वविद्यालय के पश्चिमी इतिहास व समाजशास्त्र विभाग की ओर से आयोजित बृहस्पतिवार को ''गिरमिटियालॉजी'' व्याख्यान श्रृंखला हुई। अंतरराष्ट्रीय स्तर के चार विद्वानों प्रो. डॉ. चान चोएन्नी, डॉ. ऑगस्ट चोएन्नी, शर्ली गोबरधन और बिनारिया मखान ने गिरमिटिया इतिहास, मजदूरों के प्रवासन और डायस्पोरा की जटिलताओं पर विचार रखे। शर्ली गोबरधन ने कहा कि गिरमिटिया महिलाओं की कहानियों को हाशिए पर रखा गया। प्रो. चोएन्नी ने भारत से सूरीनाम तक गए गिरमिटिया मजदूरों की पहचान और उनके सामाजिक विकास पर चर्चा की। डॉ. ऑगस्ट ने प्रवासी उद्यमिता पर बात रखी। बिनारिया मखान ने सूरीनाम के हिंदुस्तानी समुदाय में सामाजिक बदलावों पर अपने अनुभव साझा किए।