लखनऊ विश्वविद्यालय प्रशासन ने बगैर मानक पूरे किए पाठ्यक्रम चलाने वाले 13 कॉलेजों को नोटिस जारी किया है। दरअसल, ये कॉलेज पिछले पांच साल से ज्यादा समय से अस्थायी मान्यता लेकर पाठ्यक्रमों का संचालन कर रहे हैं।
इन कॉलेजों में इस तरह के 28 पाठ्यक्रम संचालित हैं। इस बार विवि प्रशासन ने साफ कर दिया है कि अब ये कॉलेज बगैर स्थायी मान्यता पाठ्यक्रमों का संचालन नहीं कर सकते। इसके लिए कॉलेजों को 31 मार्च तक का समय दिया गया है।
इसके बाद भी मानक पूरे करके आवेदन न करने वाले कॉलेजों में संबंधित पाठ्यक्रमों के दाखिले पर रोक लगा दी जाएगी।एलयू में कुछ समय पहले तक मानक पूरे न होने की दशा में सशर्त मान्यता देने का प्रावधान था।
विवि शुरुआत में पाठ्यक्रमों की अस्थायी मान्यता जारी करता है। कोर्स का सफलतापूर्वक संचालन होने की दशा में उन्हें स्थायी मान्यता जारी कर दी जाती है। स्थायी मान्यता से पहले कॉलेज को सभी मानकों पर खरा उतरना होता है।
वर्तमान में कई कॉलेज ऐसे हैं जो मानक पूरे किए बगैर कोर्स का संचालन कर रहे हैं। हर साल दाखिला लेने से पहले वे एक साल के लिए अस्थायी मान्यता का विस्तार करा लेते हैं। इस तरह से ये कॉलेज लंबे समय तक बिना स्थायी मान्यता के ही पाठ्यक्रमों का संचालन करते रहते हैं।
इस बार विवि ने पांच साल से ज्यादा समय से अस्थायी मान्यता के कोर्स संचालन पर रोक लगा दी है। इस समय विवि से संबद्ध ऐसे 13 कॉलेज हैं, जहां चलने वाले 28 पाठ्यक्रमों को अस्थायी मान्यता मिले पांच साल से ज्यादा समय बीत चुका है, लेकिन इन लोगों ने स्थायी मान्यता नहीं ली है।
इसलिए अब इन कॉलेजों को स्थायी मान्यता लेने के लिए नोटिस जारी कर किया गया है। स्थायी मान्यता के लायक न होने पर इन विद्यालयों में संबंधित कोर्स के दाखिलों पर रोक लगा दी जाएगी।
कॉलेजों ने अपलोड नहीं किया शिक्षकों का ब्योरा
लखनऊ यूनिवर्सिटी
- फोटो : demo pic
विवि ने कॉलेजों में शिक्षण की गुणवत्ता सुधारने के लिए उनके यहां पढ़ाने वाले शिक्षकों का ब्यौरा फोटोग्राफ सहित मांगा था। कॉलेजों को उनके यहां की वेबसाइट पर भी शिक्षकों का ब्यौरा अपलोड करना था।
यह आदेश जारी किए हुए काफी समय बीत गया, लेकिन अभी तक ज्यादातर कॉलेजों ने इसका पालन नहीं किया है। दरअसल, कॉलेज मान्यता लेते समय अर्हता पूरी करने वाले शिक्षकों के नाम देते हैं।
इसके बाद हर साल शिक्षकों का अनुमोदन विवि से कराना होता है। अक्सर ऐसा होता है कि कॉलेज जिन शिक्षकों का अनुमोदन लेते हैं उनसे पढ़ाई नहीं कराते। इसके बजाय कम वेतन पर अनर्ह शिक्षकों से पढ़ाई कराई जाती है।
कई बार तो एक-एक शिक्षक कई कॉलेज से अनुमोदित दिखाया जाता है। इसको देखते हुए विवि प्रशासन ने अब शिक्षकों का पूरा ब्यौरा विवि और कॉलेज की वेबसाइट पर देने को कहा है। फिलहाल इस आदेश का पालन नहीं हुआ है।
कॉलेज और कोर्स-
नगर निगम डिग्री कॉलेज-बीए और बीकॉम
अवध गर्ल्स डिग्री कॉलेज-बीकॉम
बीएसएनवी डिग्री कॉलेज-बीकॉम
आईटी गर्ल्स डिग्री कॉलेज-बीकॉम, एम-इकोनॉमिक्स, एमएससी-बायोटेक्नोलॉजी, केमिस्ट्री
महिला महाविद्यालय- बीए, बीएससी-सांख्यिकी, कंप्यूटर विज्ञान, कंप्यूटर एप्लीकेशन
डॉ. राजेंद्र प्रसाद मेमोरियल गर्ल्स डिग्री कॉलेज-बीए और बीकॉम
सामा डिग्री कॉलेज बीकेटी-बीबीए और बीसीए
सूर्या कॉलेज ऑफ मैनेजमेंट-बीबीए
लखनऊ डिग्री कॉलेज-बीए, बीकॉम
स्वामी विवेकानंद लॉ कॉलेज-एलएलबी थ्री इयर और एलएलबी ऑनर्स
वनस्थली ज्ञानपीठ गर्ल्स डिग्री कॉलेज-बीए, बीकॉम
सत्यानंद उच्च शिक्षा संस्थान-बीसीए, बीबीए, बीकॉम ऑनर्स
मान्यवर कांशीराम पर्यटन प्रबंध संस्थान-बीबीए और बीबीए टूरिज्म
‘एलयू से संबद्ध सभी कॉलेजों को मान्यता के मानक पूरे करने होंगे, जिन कॉलेजों की अस्थायी मान्यता पांच साल से ज्यादा पुरानी हो चुकी है। उन्हें स्थायी मान्यता लेनी होगी। इसके लिए 31 मार्च तक का समय निर्धारित किया गया है। इस तारीख तक आवेदन न करने वाले कॉलेजों को संबंधित कोर्स में अगले साल दाखिला लेने से रोक दिया जाएगा।’ -रामकुमार, कुलसचिव