लखनऊ। पूर्व में स्नातक डिग्री हासिल कर चुके विद्यार्थियों को लखनऊ विवि नई शिक्षा नीति के तहत स्नातक और परास्नातक पाठ्यक्रमों में दाखिले का मौका देगा। दाखिले के बाद उनको स्नातक और परास्नातक पाठ्यक्रमों की डिग्री मिल जाएगी। लविवि लैट्रल एंट्री की व्यवस्था के तहत अपने यहां यह व्यवस्था करने जा रहा है।
यह व्यवस्था लागू होने के बाद पूर्व में स्नातक की डिग्री हासिल कर चुके विद्यार्थी चार वर्षीय स्नातक पाठ्यक्रम में सीधे चौथे वर्ष में दाखिला ले सकेंगे। इसके बाद उनको चार वर्षीय स्नातक की डिग्री हासिल हो जाएगी और वे एक वर्षीय परास्नातक पाठ्यक्रम में दाखिला पाने के लिए अर्ह हो जाएंगे।
लविवि के कुलसचिव संजय मेधावी ने बताया कि विश्वविद्यालय ने देश भर में सबसे पहले नई शिक्षा नीति पूरी तरह से लागू की थी। इसके बाद यहां पर चार वर्षीय स्नातक पाठ्यक्रम शुरू कर दिया गया। इसकी सबसे बड़ी विशेषता यह है कि इसमें लैट्रल एंट्री की व्यवस्था भी है। मतलब अगर कोई विद्यार्थी बीच में ही अपनी पढ़ाई छोड़ देता है और बाद में दोबारा पढ़ाई शुरू करना चाहता है तो उसे प्रथम वर्ष में दाखिला नहीं लेना होगा। इसके बजाय जिस वर्ष तक उसने पढ़ाई पूरी कर ली होगी, उसके अगले वर्ष में ही उसे दाखिला मिल जाएगा। इस तरह फिर से उसकी पढ़ाई शुरू हो जाएगी। विवि अनुदान आयोग ने हाल में ही स्नातक चार वर्षीय पाठ्यक्रमों में कुछ बदलाव किए हैं। इसके लिए लविवि में समिति बनाई गई है। इसमें इस बात को भी शामिल किया जा रहा है कि तीन वर्षीय स्नातक पाठ्यकम के डिग्रीधारकों को भी चौथे साल में दाखिला देकर नई शिक्षा नीति के तहत डिग्री दे दी जाए। इस तरह वे नई शिक्षा नीति के तहत परास्नातक डिग्री हासिल करने के लिए भी योग्य हो जाएंगे।
मल्टी एग्जिट में हर साल मिलता है पाठ्यक्रम छोड़ने का मौका
लविवि में जारी मौजूदा व्यवस्था के अनुसार चार वर्षीय स्नातक पाठ्यक्रम में दाखिला लेने वाले हर विद्यार्थी को हर साल कोर्स छोड़ने का मौका मिलता है। पहले साल के बाद कोर्स छोड़ने पर उसे सर्टिफिकेट दिया जाएगा। दूसरे साल की पढ़ाई पूरी करने पर उसे डिप्लोमा और तीसरे साल पर डिग्री प्रदान की जाएगी। चौथे साल पढ़ाई जारी करने पर उसे डिग्री विद रिसर्च की उपाधि मिल जाएगी। यह डिग्री हासिल करने के बाद अगर उसे परास्नातक की पढ़ाई करनी है तो फिर महज एक साल की पढ़ाई के बाद ही उसे उपाधि मिल जाएगी।
एक वर्षीय परास्नातक पाठ्यक्रम में भी होगा दाखिला
लविवि में अभी तक एक वर्षीय परास्नातक पाठ्यक्रम में दाखिला शुरू नहीं हुआ है। इसका सिलेबस तैयार किया जा रहा है। इसके बाद जुलाई में शुरू होने वाले नए सत्र से एक वर्षीय परास्नातक पाठ्यक्रम में दाखिले शुरू हो जाएंगे।