फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

LU: एनआईआरएफ रैंकिंग में लखनऊ विश्वविद्यालय ने किया निराश, शीर्ष 100 में नहीं बना सका स्थान

Tue, 06 Jun 2023 03:38 PM IST
ishwar ashish सचिन त्रिपाठी, अमर उजाला, लखनऊ

सार

लखनऊ विश्वविद्यालय नैक ग्रेडिंग में शीर्ष रैंक हासिल करने के बावजूद लगातार दूसरे साल एनआईआरएफ में शीर्ष 100 में स्थान नहीं बना सका। नैक में कम ग्रेड के बावजूद केजीएमयू व बीबीएयू ने बाजी मारी।
विज्ञापन
- फोटो : amar ujala
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

लखनऊ विश्वविद्यालय राष्ट्रीय मूल्यांकन एवं प्रत्यायन परिषद (नैक) के निरीक्षण में ए प्लस-प्लस ग्रेड हासिल करने वाला प्रदेश का पहला विश्वविद्यालय है। इसके बावजूद नेशनल इंस्टीट्यूशनल रैंकिंग फ्रेमवर्क (एनआईआरएफ) की 12 श्रेणियों में से लविवि एक श्रेणी में भी अपना स्थान नहीं बना सका। वहीं, दूसरी ओर ए प्लस ग्रेड वाले किंग जॉर्ज चिकित्सा विश्वविद्यालय और पूर्व में ए ग्रेड का दर्जा प्राप्त बाबा साहेब भीमराव अंबेडकर केंद्रीय विश्वविद्यालय ने रैंकिंग में अच्छा प्रदर्शन किया है।

विज्ञापन


लविवि ने दो साल पहले नैक में ए प्लस प्लस की सर्वोच्च रैंक लाकर इतिहास रचा था। इससे पहले प्रदेश में किसी भी सरकारी विवि को ए प्लस प्लस की ग्रेड हासिल नहीं हुई थी। लविवि के ए प्लस प्लस ग्रेड के बाद गोरखपुर और मेरठ विवि को भी ए प्लस-प्लस की ग्रेड हासिल हुई। ये दोनों विवि एनआईआरएफ की रैंकिंग में शामिल नहीं हुए। वहीं, दूसरी ओर लखनऊ के ही किंग जॉर्ज चिकित्सा विवि को नैक में ए प्लस ग्रेड से संतोष करना पड़ा।

ये भी पढ़ें - बृजभूषण सिंह की बढ़ेंगी मुश्किलें! दिल्ली पुलिस ने घर पहुंचकर दर्ज किए 12 गवाहों के बयान
विज्ञापन


ये भी पढ़ें - मां-बेटी की मौत: विज्ञापन के लिए लगाए गए जर्जर खंभों को तत्काल बदलें, नगर विकास मंत्री ने दिए निर्देश
विज्ञापन


दूसरी ओर बीबीएयू की नैक ग्रेडिंग की अवधि समाप्त होने के बाद दोबारा निरीक्षण की तैयारी चल रही है। अभी तक बीबीएयू के पास नैक की ए ग्रेड थी। नैक में लविवि के प्रदर्शन को देखते हुए एनआईआरएफ में भी अच्छी रैंक की उम्मीद थी। एनआईआरएफ में सिर्फ शीर्ष 100 की रैंक जारी की जाती है। बाकी की सूची का प्रकाशन अलग से होता है। रिजल्ट जारी हुआ तो लविवि को 100 से 150 के बैंड में रखा गया। वहीं, दूसरी ओर बीबीएयू ने चार श्रेणी तथा केजीएमयू ने तीन श्रेणी में शीर्ष 100 में अपना स्थान बनाया।

दोनों के मानक के अलग
लविवि के प्रवक्ता डॉ. दुर्गेश श्रीवास्तव का कहना है कि लविवि पिछले साल 150 से 200 के बैंड में था। इस बार 100 से 150 के बैंड में आ गया है। नैक और एनआईआरएफ के मानक अलग-अलग हैं। इसलिए दोनों के परिणाम में अंतर हैं। हम एनआईआरएफ को केंद्र में रखकर तैयारी कर रहे हैं। उम्मीद है कि अगले वर्ष का परिणाम और अच्छा आएगा।

और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें