लखनऊ। लखनऊ विश्वविद्यालय ने शैक्षणिक सत्र 2026-27 से बीटेक और एमसीए पाठ्यक्रमों में प्रवेश प्रक्रिया में अहम बदलाव किया है। अब यूपीटीएसी काउंसिलिंग पूरी होने के बाद खाली रह जाने वाली सीटों पर विश्वविद्यालय सीधे प्रवेश देगा। इससे ऐसे अभ्यर्थियों को भी मौका मिलेगा, जो किसी कारणवश काउंसिलिंग में शामिल नहीं हो सके या आवेदन से वंचित रह गए थे।
बीटेक प्रथम वर्ष में प्रवेश के लिए अभ्यर्थी के 10+2 में न्यूनतम 45 प्रतिशत अंक होना अनिवार्य होगा। अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति वर्ग के लिए यह सीमा 40 प्रतिशत निर्धारित की गई है। सिविल और मैकेनिकल इंजीनियरिंग में प्रवेश के लिए भौतिकी, रसायन विज्ञान और गणित अनिवार्य विषय होंगे। वहीं कंप्यूटर साइंस, इलेक्ट्रिकल और इलेक्ट्रॉनिक्स इंजीनियरिंग में भौतिकी और गणित के साथ तीसरे विषय के रूप में रसायन विज्ञान, कंप्यूटर साइंस, इलेक्ट्रॉनिक्स, सूचना प्रौद्योगिकी, जीवविज्ञान, जैव प्रौद्योगिकी, कृषि या इंजीनियरिंग ग्राफिक्स में से कोई एक विषय मान्य होगा। डी.वोक. उत्तीर्ण अभ्यर्थी भी आवेदन के पात्र होंगे।
बीटेक द्वितीय वर्ष (लेटरल एंट्री) में प्रवेश के लिए दो या तीन वर्षीय इंजीनियरिंग डिप्लोमा में न्यूनतम 45 प्रतिशत अंक (एससी/एसटी के लिए 40 प्रतिशत) आवश्यक होंगे। कृषि इंजीनियरिंग, फार्मेसी और आर्किटेक्चर के डिप्लोमा धारक इस श्रेणी में पात्र नहीं होंगे। यूजीसी से मान्यता प्राप्त विश्वविद्यालय से बीएससी उत्तीर्ण अभ्यर्थी, जिन्होंने 10+2 स्तर पर गणित विषय पढ़ा हो, वे भी रिक्त सीटों पर प्रवेश ले सकेंगे।
एमसीए प्रथम वर्ष में प्रवेश के लिए बीसीए, बीएससी (कंप्यूटर साइंस), बीएससी (आईटी), बीटेक (सीएसई), बीटेक (आईटी) या समकक्ष डिग्रीधारी आवेदन कर सकेंगे। अन्य स्नातक अभ्यर्थी भी पात्र होंगे, यदि उन्होंने 10+2 या स्नातक स्तर पर गणित विषय का अध्ययन किया हो। ऐसे अभ्यर्थियों के लिए न्यूनतम 50 प्रतिशत अंक तथा एससी/एसटी वर्ग के लिए 45 प्रतिशत अंक अनिवार्य होंगे। प्रवक्ता प्रो. मुकुल श्रीवास्तव ने बताया कि पहले जेईई के माध्यम से प्रवेश होते थे। अब 10+2 वालों को सीधे प्रवेश दिया जाएगा।