लखनऊ। राजधानी के प्रमुख ट्रांसपोर्ट संगठनों ने सोमवार को संयुक्त बैठक कर भाड़े में तत्काल 15 फीसदी वृद्धि करने का फैसला लिया है। बताया कि यह फैसला बढ़ती लागत, डीजल मूल्य वृद्धि और भुगतान में देरी जैसी समस्याओं के समाधान के लिए किया गया है। सभी ट्रांसपोर्टरों को इन फैसलों का पालन करना अनिवार्य होगा। वहीं, इससे बाजार पर भी महंगाई का असर आ गया है।
ट्रांसपोर्टनगर के एक होटल में हुई बैठक में ट्रांसपोर्ट वेलफेयर एसोसिएशन के अध्यक्ष हरप्रीत सिंह भाटिया, लखनऊ ट्रक एंड ट्रांसपोर्ट वेलफेयर एसोसिएशन के अध्यक्ष ज्ञान प्रकाश श्रीवास्तव, लखनऊ गुड्स ट्रांसपोर्ट एसोसिएशन के प्रतिनिधि एचपी यादव, ट्रक ओनर एंड ट्रांसपोर्ट एसोसिएशन (टोटा) के अध्यक्ष अरुण अवस्थी ने भाड़े में वृद्धि पर सहमति जताई। तय किया गया कि यदि कोई कंपनी अनुबंध के अनुसार भुगतान नहीं करती है, तो उसका कार्य तुरंत बंद कर दिया जाएगा। भविष्य में ऐसे व्यापारियों का काम केवल पेड बिल्टी पर ही होगा। नई डील भी तभी होगी, जब कोई पुराना बकाया नहीं होगा।
इसके अलावा पूर्व निर्धारित दर से 15 फीसदी अधिक भाड़े पर ही माल बुक किया जाएगा। एक टन से कम लोकल माल उठाने के लिए कंपनी से न्यूनतम 500 रुपये का शुल्क लिया जाएगा। फुल लोड पर 50 रुपये प्रति गाड़ी और पार्ट लोड पर 20 रुपये प्रति गाड़ी (यदि माल पार्टी के गोदाम से उठता है) शुल्क लिया जाएगा। बिना लिखित समझौते वाले व्यापारियों को 15 दिनों के भीतर भुगतान करना अनिवार्य होगा, अन्यथा उनका कार्य बंद कर दिया जाएगा। भविष्य में उनका माल केवल पेड बुकिंग पर ही उठाया जाएगा। बिल्टी चार्ज और टोल टैक्स भी लिए जाएंगे।
ट्रांसपोर्टरों ने सरकार से की मांग
ट्रांसपोर्ट संगठनों ने सरकार से मांग करते हुए कहा कि वैश्विक आपदा की स्थिति के मद्देनजर टोल टैक्स तत्काल प्रभाव से माफ किया जाए, फिटनेस प्रक्रिया में हो रहे भ्रष्टाचार पर तत्काल रोक लगे, एचएसआरपी नंबर प्लेट शुल्क में अनियमितताओं पर सख्त कार्रवाई हो और एचएसआरपी नंबर प्लेट को आरटीओ की वेबसाइट से कनेक्ट करने के नाम पर विभिन्न कंपनियां जो 300-1000 रुपये की मांग करती हैं, ऐसी वसूली पर भी तत्काल रोक लगे। दोषी कंपनियों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की जाए। यह भी मांग की कि व्हीकल लोकेशन ट्रैकिंग डिवाइस को आरटीओ की वेबसाइट से लिंक करने व प्रमाण पत्र जारी करने के नाम पर ऑटो कंपनिया 8-20 हजार की वसूली न करें।
सब्जियां 5-10 रुपये किलो महंगी, दाल चावल महंगा होगा
शहर की मंडियों में प्याज, टमाटर, हरी मिर्च, अरबी, मटर सब बाहर से आ रही है जिससे 5-10 रुपये की महंगाई बढ़ी है। वहीं, फलों पर 40-100 रुपये किलो की महंगाई बढ़ी है। अब दाल चावल, आटे में तेजी आएगी। चावल पर 50 पैसे प्रति किलो तो दाल पर एक रुपये किलो तक की बढ़ोत्तरी की आशंका है। आटा भी एक से दो रुपये किलो महंगा हो सकता है।
बैठक करते ट्रांसपोर्टर।