80, 90, 100 नहीं पूरे 121 फीट ऊंचा रावण इस बार राजधानी में हुंकार भरेगा। बुराई पर अच्छाई की जीत का प्रतीक रावण का पुतला दहन इस बार राजधानी में इतिहास रचेगा।
ऐशबाग रामलीला समिति की ओर से इस बार दशहरे पर भगवान श्रीराम करीब पौने घंटे की लड़ाई के बाद चलते-फिरते, हिलते-डुलते और हुंकार भरते 121 फीट के रावण का वध करेंगे।
दम तोड़ने से पहले रावण संवाद भी बोलेगा। भगवान के बाणों से बचने के लिए अपने हाथ-पैर भी चलाएगा। यह जानकारी बुधवार को समिति अध्यक्ष हरीशचंद्र अग्रवाल ने दी।
एकदम अलग होगा आकर्षण
समिति के अध्यक्ष हरीशचंद्र अग्रवाल ने बताया कि श्री रामलीला समिति ऐशबाग में हर बार की तरह इस बार भी रामलीला के अलावा रावण दहन का आकर्षण और रामलीलाओं से हटकर रहेगा।
हर बार की तरह इस बार भी यहां का दशानन वध हाईटेक और भव्य रहेगा। उन्होंने बताया कि इस बार समिति ने नगर का सबसे बड़ा रावण बनाए जाने की तैयारी की है।
पिछली बार 111 फीट का रावण दहन हुआ था। इस बार इसकी ऊंचाई 121 फीट की गई है। पुतले में हाईटेक तकनीक का इस्तेमाल करते हुए रावण मूवमेंट करता नजर आएगा।
साथ ही डायलॉग भी बोलेगा। इसके लिए कारीगर, सुरक्षा प्रबंधों समेत कुछ खास तैयारियों पर बात चल रही है।
तीन तरफ लगेगी एलईडी स्क्रीन
शहर की सबसे प्राचीन रामलीला इस बार 3डी लुक में नजर आएगी। इसके लिए 82 फुट के विशाल मंच पर एक साथ तीन बड़ी स्क्रीन लगाने की तैयारी है।
उन्होंने बताया कि रामलीला मंचन डिजिटल होने के चलते इस बार मंच पर खास काम दिखाने की तैयारी है।
45 फीट की बैक स्क्रीन के साथ पहली बार दोनों साइड पर 9-9 फुट की स्क्रीन लगाई जाएगी, जिससे भवन, महल, पर्वत, युद्ध के तमाम सीन पूरी तरह से दिखाए जा सकेंगे। इसके अलावा कुछ नए सीन भी तैयार किए जा रहे हैं।
पर्दे के साथ ही रावण दहन में भी तकनीकी दिखाई देगी। रावण दहन की थीम को आयोजकों ने अभी सीक्रेट रखा है।
कई जगह चालू तो कहीं देर से होगी रिहर्सल
अध्यक्ष हरीशचंद्र अग्रवाल के मुताबिक हर साल हम आतंकवाद, भ्रष्टाचार, लचर सरकार आदि पर रावण दहन कर चुके हैं, लेकिन इस बार सबसे अलग थीम पर दहन होगा। इस थीम को अभी बताया नहीं जा सकता।
रामलीला शुरू होने में भले ही अब महज एक पखवारे का समय बचा हो, लेकिन इस बार रिहर्सलों की रफ्तार कुछ धीमी है।
ऐशबाग रामलीला समिति के कलाकारों का दल 20 सितंबर के बाद कोलकाता के कलाकारों के साथ रिहर्सल शुरू करेंगे।
महानगर रामलीला में बाल कलाकारों की रिहर्सल बीते एक पखवारे से निर्देशक पीयूष पांडे और महेन्द्र पंत की देखरेख में हर शाम दो घंटे हो रही है। आलमबाग और मौसमगंज रामलीला में भी समय निकाल कर कलाकार रिहर्सल को जुट हैं।