मड़ियांव इंस्पेक्टर शिवानंद मिश्र ने बताया कि पूछताछ के दौरान आरोपियों ने आजमगढ़ निवासी मंजीत प्रधान का नाम बताया। आरोपियों का कहना है कि नकली नोटों के गिरोह का सरगना मंजीत है और वही घर में नकली नोट तैयार करता है। डीसीपी ने बताया कि मंजीत प्रधान को भी इस मामले में आरोपी बनाया गया है। उसकी गिरफ्तारी के लिए पुलिस की एक टीम प्रतापगढ़ भेजी गई है।
पुलिस सूत्रों के अनुसार, आरोपियों ने पूछताछ में बताया कि वे काफी समय से नकली नोटों का कारोबार कर रहे थे। वे पांच लाख रुपये के असली नोट लेकर बदले में 15 लाख रुपये के नकली नोट देते थे। डीसीपी ने बताया कि इस गिरोह की पूरी चेन का पता लगाया जा रहा है। आरोपी लखनऊ में नकली नोटों की सप्लाई करने आए थे। जिस व्यक्ति को नोट दिए जाने थे, उसकी भी जानकारी जुटाई जा रही है। बरामद मोबाइल फोन से कुछ अहम सुराग मिले हैं, जिन पर पुलिस टीम काम कर रही है।