Shraddha is in jail: जेल सूत्रों के मुताबिक, श्रद्धा रविवार को परिचितों के मिलने आने का इंतजार करती रही लेकिन कोई नहीं पहुंचा। अब तक उससे मिलने के लिए कोई नहीं आया है।
शिवा हत्याकांड की मुख्य आरोपी श्रद्धा दुबे ने जेल में मुलाकात करने वालों की सूची में सिर्फ अपने पिता और रायबरेली निवासी परिजनों के नाम दिए हैं। रविवार को सौंपी गई सूची को जेल प्रशासन ने पुलिस सत्यापन के लिए भेज दिया है। करीबी माने जाने वाले अन्य लोगों के नाम सूची में न होना चर्चा का विषय बना हुआ है।
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जेल सूत्रों के मुताबिक, श्रद्धा ने उन परिचितों के नाम भी सूची में शामिल नहीं किए हैं, जिनके साथ वह अक्सर घूमती थी और रेस्तरां में समय बिताती थी। जिला जेल के वरिष्ठ अधीक्षक राजेंद्र जायसवाल ने बताया कि श्रद्धा की ओर से दिए गए नामों की सूची सोमवार को कारागार मुख्यालय भेजी जाएगी। पुलिस सत्यापन पूरा होने के बाद ही मुलाकात की अनुमति देने की प्रक्रिया आगे बढ़ेगी।
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परिचितों का इंतजार करती रही श्रद्धा
जेल सूत्रों के मुताबिक, श्रद्धा रविवार को परिचितों के मिलने आने का इंतजार करती रही लेकिन कोई नहीं पहुंचा। रविवार को साप्ताहिक अवकाश के कारण मुलाकात भी बंद थी। इस दौरान उसने बैरक की महिला बंदियों से मदद मांगी। सूत्रों के अनुसार, महिला बंदियों ने दोनों बहनों को कपड़े आदि उपलब्ध कराए।
पूजा-पाठ और ध्यान में बिताया समय
जेल सूत्रों के अनुसार, क्लबों और लग्जरी जीवनशैली के लिए चर्चित रही श्रद्धा ने शुक्रवार और शनिवार के बाद रविवार को पूजा-पाठ किया और ध्यान लगाया। वहीं, उसकी बहन रश्मि तीसरे दिन भी मौन रही। बताया गया कि उसने श्रद्धा के अलावा किसी अन्य से बातचीत नहीं की।
यह है मामला
नौ अक्तूबर को प्रयागनारायण रोड स्थित अवध ग्रीन अपार्टमेंट की चौथी मंजिल से गिरकर अलीगंज निवासी कारोबारी शिवा शर्मा (27) की मौत हो गई थी। उनकी मां रंजना ने श्रद्धा, उसकी बहन रश्मि, चालक दानिश समेत अन्य के खिलाफ हजरतगंज थाने में हत्या की प्राथमिकी दर्ज कराई थी।
कारोबारी शिवा शर्मा हत्याकांड : कब क्या-क्या हुआ
9 अक्तूबर : हजरतगंज के बालू अड्डा स्थित अवध ग्रीन अपार्टमेंट की चौथी मंजिल से गिरकर अलीगंज निवासी कारोबारी शिवा शर्मा की संदिग्ध हालात में मौत हो गई।
10 अक्तूबर : शिवा की मां रंजना शर्मा की शिकायत पर हजरतगंज थाने में मॉडल श्रद्धा दुबे, उसकी बहन रश्मि, चालक तनवीर अली उर्फ दानिश, आदिल और अन्य लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई।
10 अक्तूबर : पुलिस की पड़ताल में श्रद्धा और उसके साथियों की गाड़ी के सीतापुर-लखीमपुर मार्ग से बहराइच के रुपईडीहा पहुंचने की जानकारी सामने आई। उनकी आखिरी लोकेशन सुबह करीब 6:20 बजे भारत-नेपाल सीमा के पास मिली थी। इसके बाद उनके नेपाल भागने की आशंका जताई गई।
13 अक्तूबर : डीसीपी मध्य ने तीनों आरोपियों पर 25-25 हजार रुपये का इनाम घोषित किया। पुलिस को बहराइच के रुपईडीहा इलाके में श्रद्धा की एसयूवी पार्किंग में खड़ी मिली।
15 अक्तूबर : सोशल मीडिया पर श्रद्धा के वीडियो सामने आए। उसने शिवा की मौत को आत्महत्या बताते हुए खुद को निर्दोष बताया। एक अन्य वीडियो में शिवा के कर्ज और जेवर ले जाने के दावे भी सामने आए।
16 अक्तूबर : पुलिस ने श्रद्धा और अन्य आरोपियों की तलाश में नेपाल पुलिस से मदद मांगी।
17 अक्तूबर : श्रद्धा दुबे, रश्मि और तनवीर अली उर्फ दानिश के खिलाफ गैर-जमानती वारंट जारी किया गया। उसी दिन हजरतगंज के इंस्पेक्टर विक्रम सिंह को लाइन हाजिर कर दिया गया।
18 अक्तूबर : पुलिस ने फरार चालक दानिश के परिजनों से पूछताछ की। आरोपियों पर इनाम की राशि 25-25 हजार से बढ़ाकर 50-50 हजार रुपये कर दी गई। उसी दिन डीसीपी मध्य विक्रांत वीर को पद से हटा दिया गया।
19 अक्तूबर : श्रद्धा की तलाश में पुलिस टीम रायबरेली स्थित उसके घर पहुंची और उसके पिता एसपी दुबे व सौतेली मां से पूछताछ की। श्रद्धा की गिरफ्तारी न होने पर एसीपी हजरतगंज रजनीश वर्मा को भी पद से हटा दिया गया।
20 अक्तूबर : लखनऊ पुलिस और एसटीएफ ने संयुक्त कार्रवाई कर नागपुर से श्रद्धा, रश्मि और चालक दानिश को गिरफ्तार किया।
21 अक्तूबर : श्रद्धा, रश्मि और चालक दानिश को नागपुर कोर्ट में पेश किया गया। ट्रांजिट रिमांड मिलने पर हजरतगंज पुलिस तीनों कोे लेकर लखनऊ के लिए रवाना हुई।
21 अक्तूबर : श्रद्धा का मित्र व मैनेजर नामजद आरोपी आदिल को भी यूपी एसटीएफ ने बुधवार दोपहर गिरफ्तार किया।
22अक्तूबरः कोर्ट में पेश किया गया, बाद में 31 अक्तूबर तक जेल भेज दिया गया।
श्रद्धा को फरार कराने में मदद करने वाले तीन और लोग चिह्नित
कारोबारी शिवा शर्मा की हत्या के मामले में फरार मॉडल श्रद्धा दुबे की मदद करने वाले तीन अन्य लोगों को पुलिस ने चिह्नित किया है। इन लोगों पर श्रद्धा को होटल में कमरा दिलाने से लेकर नेपाल पहुंचाने तक में मदद करने का संदेह है। पुलिस इनकी भूमिका की जांच कर रही है। साक्ष्य मिलने पर इनके नाम भी मुकदमे में शामिल किए जा सकते हैं।
डीसीपी मध्य अर्पित विजयवर्गीय के मुताबिक, श्रद्धा को फरार होने में मदद करने वाले आमिर के अलावा तीन अन्य लोगों की भूमिका सामने आई है। पुलिस यह पता लगा रही है कि किसने और किस स्तर पर उसकी मदद की। जांच के आधार पर जल्द कार्रवाई की जा सकती है।
उधर, पुलिस ने शिवा की मौत की परिस्थितियां स्पष्ट करने के लिए घटनास्थल का क्राइम सीन रीक्रिएशन करने के लिए फोरेंसिक विभाग को पत्र भेजा है। इंस्पेक्टर हजरतगंज शिवानंद मिश्र ने भी इसकी पुष्टि की है।
डीसीपी ने बताया कि फोरेंसिक विभाग से समय मिलने पर इसी सप्ताह घटनास्थल का रीक्रिएशन कराया जा सकता है। शिवा की मां रंजना को भी इसकी जानकारी दे दी गई है। पुलिस को उम्मीद है कि इस प्रक्रिया से घटना के समय फ्लैट में मौजूद लोगों की भूमिका और शिवा की मौत की परिस्थितियां स्पष्ट करने में मदद मिलेगी।
आरोपियों के बयानों में विरोधाभास
शुरुआती जांच में पता चला कि घटना के समय फ्लैट में शिवा, श्रद्धा, रश्मि और नौकरानी मौजूद थीं। श्रद्धा और रश्मि ने पुलिस को बताया कि वे अलग कमरे में थीं, जबकि शिवा दूसरे कमरे में था। इसके उलट, नौकरानी ने दावा किया कि श्रद्धा और रश्मि भी उसी कमरे में मौजूद थीं, जहां शिवा था। बयानों में विरोधाभास सामने आने के बाद पुलिस अब नौकरानी के बयान के आधार पर घटनाक्रम की कड़ियां जोड़ रही है। आरोपियों के बयानों का पड़ोसियों के बयान और सीसीटीवी कैमरों की फुटेज से मिलान किया जाएगा।