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Lucknow: 12 किमी होगी मेट्रो सेकंड फेज के ट्रैक की कुल लंबाई, 150 करोड़ से बनेगा बसंतकुंज डिपो

Fri, 13 Feb 2026 10:31 AM IST
ishwar ashish अमर उजाला नेटवर्क, लखनऊ

सार

लखनऊ मेट्रो के सेकंड फेज (ईस्ट-वेस्ट कॉरिडोर) का दूसरा सबसे बड़ा टेंडर जारी कर दिया गया है। वहीं, पहले से जारी एलिवेटेड स्टेशन बनाने का टेंडर 15 दिन में फाइनल होगा।
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लखनऊ मेट्रो। - फोटो : amar ujala
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विस्तार
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लखनऊ मेट्रो के सेकंड फेज (ईस्ट-वेस्ट कॉरिडोर) ने रफ्तार पकड़ ली है। 150 करोड़ रुपये से बसंतकुंज डिपो का निर्माण कार्य करवाया जाएगा। इसके लिए टेंडर बृहस्पतिवार को जारी किया गया है, जो एक से डेढ़ महीने में फाइनल हो जाएगा। उम्मीद जताई जा रही है कि अप्रैल से निर्माण कार्य शुरू भी हो जाएगा।

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चारबाग से बसंतकुंज के बीच लखनऊ मेट्रो के सेकंड फेज का निर्माण कराया जाएगा। इस प्रोजेक्ट की कुल लागत 5801 करोड़ रुपये है। इसमें 2900 करोड़ रुपये राज्य व केंद्र सरकार को देने हैं, जबकि शेष धनराशि ऋण ली जाएगी। बुधवार को घोषित यूपी बजट में मेट्रो सेकंड फेज के लिए 550 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। अब चारबाग-बसंतकुंज मेट्रो ने रफ्तार पकड़ने वाली है। बृहस्पतिवार को मेट्रो प्रशासन ने कार्य का टेंडर जारी किया। इसके पूर्व बसंतकुंज से ठाकुरगंज तक पांच एलिवेटेड स्टेशनों के निर्माण का टेंडर जारी किया जा चुका है।

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बसंतकुंज में बनेगा मेट्रो डिपो
सेकंड फेज मेट्रो का डिपो बसंतकुंज में बनाया जाएगा जिसके निर्माण पर 150 करोड़ रुपये खर्च होंगे। इस डिपो में निर्माण ईस्ट-वेस्ट कॉरिडोर पर चलने वाली मेट्रो ट्रेनों की पार्किंग, उनका रखरखाव और नियमित जांच होगी। इसे लखनऊ मेट्रो के ट्रांसपोर्टनगर डिपो की तर्ज पर बनाया जाएगा जो सफलतापूर्वक संचालित हो रहा है।

आधुनिक मशीनों से लैस होगा डिपो
बसंतकुंज डिपो में अत्याधुनिक मशीनें लगाई जाएंगी। ट्रेनों के रखरखाव में पहियों के लिए पिटव्हील लेंथ मशीन, बोगियों को उठाने के लिए फुली ऑटोमैटिक सिंक्रोनाइज्ड पिटजैक व मोबाइल जैक मशीनें होंगी। इसके अलावा बोगियों को एक ट्रैक से दूसरे पर शिफ्ट करने के लिए टर्न टेबल, बोगियों की सफाई के लिए ऑटोमैटिक ट्रेन वॉशिंग प्लांट, शंटिंग के लिए इलेक्ट्रिक बोगी शंटर, तकनीकी खराबी में कोच पटरी पर लाने के लिए री-रेलिंग एवं रेस्क्यू वाहन भी होंगे।

पर्यावरण संरक्षण को मिलेगा बढ़ावा
बसंतकुंज डिपो में पर्यावरण संरक्षण का भी पूरा ध्यान रखा जाएगा। यहां सोलर पावर यूनिट लगाई जाएगी। जीरो डिस्चार्ज सुविधा रहेगी, जिससे गंदा पानी से डिपो से बाहर नहीं जाएगा। ड्यूल प्लंबिंग सिस्टम में ताजे और रीसाइकल पानी के लिए अलग-अलग पाइपलाइन होंगे। वॉशरूम, किचन व सफाई से निकलने वाले पानी को साफ करने के लिए सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट और ट्रेन की धुलाई और सफाई से निकलने वाले पानी को साफ करने के लिए एफ्लुएंट ट्रीटमेंट प्लांट (ईटीपी) लगेगा। यहां जल भंडारण प्रणाली भी लगाई जाएगी।

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दो महीने में शुरू होगा एलिवेटेड स्टेशनों का निर्माण

बसंतकुंज डिपो निर्माण के लिए टेंडर जारी होने से पहले एलिवेटेड स्टेशनों के निर्माण का टेंडर हो चुका है। कुल पांच एलिवेटेड स्टेशन बनने हैं, जिनका टेंडर पंद्रह दिन में फाइनल हो जाएगा तथा दो महीने में निर्माण कार्य शुरू हो जाएगा। इसी क्रम में सात अंडरग्राउंड स्टेशनों के निर्माण के लिए टेंडर डेढ़ महीने बाद जारी किया जाएगा। इसकी नियम-शर्तें अभी तय की जा रही हैं।

लखनऊ मेट्रो सेकंड फेज एक नजर में...
- 12 किमी होगी मेट्रो सेकंड फेज के ट्रैक की कुल लंबाई।
- 7 भूमिगत स्टेशन गौतमबुद्ध मार्ग, अमीनाबाद, पांडेयगंज, सिटी रेलवे स्टेशन, मेडिकल चौराहा और चौक बनेंगे।
- 5 एलिवेटेड स्टेशन ठाकुरगंज, बालागंज, सरफराजगंज, मूसाबाग और बसंतकुंज बनेंगे।
- 5 वर्ष में पूरा किया जाएगा सेकंड फेज रूट का निर्माण।

यूपी मेट्रो के एमडी सुशील कुमार का कहना है कि बसंतकुंज डिपो के निर्माण पर 150 करोड़ रुपये खर्च होंगे। यह मेट्रो सेकंड फेज के तहत दूसरा बड़ा टेंडर है, इसके जारी होने और प्री-कंस्ट्रक्शन कार्यों में तेजी से लखनऊ मेट्रो का ईस्ट-वेस्ट कॉरिडोर मजबूती से आगे बढ़ेगा।
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