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Lucknow: रोहतास ग्रुप की 350 करोड़ रुपये की संपत्तियां ईडी ने की जब्त...77 संपत्तियों पर चला ईडी का हंटर

Fri, 23 Jan 2026 10:00 PM IST
आकाश द्विवेदी अमर उजाला ब्यूरो, लखनऊ

सार

निवेशकों से अरबों रुपये की ठगी करने वाले रोहतास ग्रुप की 350 करोड़ रुपये मूल्य की 77 चल-अचल संपत्तियां ईडी ने जब्त कर ली हैं। ये संपत्तियां दीपक रस्तोगी और सहयोगी कंपनियों के नाम पर दर्ज थीं। मनी लॉन्ड्रिंग मामले में जांच जारी है।

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प्रतीकात्मक फोटो - फोटो : सोशल मीडिया
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विस्तार
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निवेशकों का अरबों रुपये हड़पने वाले रोहतास ग्रुप की 350 करोड़ रुपये कीमत की 77 चल-अचल संपत्तियों को प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने शुक्रवार को जब्त कर लिया। इन संपत्तियों को 158.85 करोड़ रुपये में रोहतास ग्रुप के संचालक दीपक रस्तोगी और सहयोगी कंपनियों के नाम पर खरीदा गया था, जिनका मौजूदा बाजार मूल्य 350 करोड़ रुपये से अधिक है। ईडी इससे पहले भी रोहतास ग्रुप की 110 करोड़ रुपये कीमत की 68 संपत्तियों को जब्त कर चुका है।

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ईडी के अधिकारियों के मुताबिक, शुक्रवार को जब्त की गईं 141.21 करोड़ रुपये की संपत्तियां रोहतास ग्रुप ऑफ कंपनीज के प्रमोटर दीपक रस्तोगी और सहयोगी कंपनी वर्धन टाउनशिप प्राइवेट लिमिटेड, अध्याय रियल्टी इंफ्रास्ट्रक्चर एलएलपी और कुछ बेनामीदारों के नाम पर पंजीकृत हैं। वहीं 17.64 करोड़ रुपये की हाईनेस इंफ्रा डेवलपर्स प्राइवेट लिमिटेड के नाम पर हैं। सभी अचल संपत्तियां लखनऊ में स्थित हैं। 

ईडी ने रोहतास ग्रुप के खिलाफ निवेशकों द्वारा पुलिस में दर्ज कराई गईं 83 एफआईआर के आधार पर मनी लांड्रिंग का केस दर्ज कर जांच शुरू की थी, जिसमें पता चला कि रोहतास प्रोजेक्ट लिमिटेड ने अपनी टाउनशिप योजनाएं 'सुल्तानपुर रोड प्रोजेक्ट', 'रायबरेली रोड प्रोजेक्ट' और 'रोहतास प्लमेरिया' में ग्राहकों से प्लॉट और फ्लैट बुक कराने के लिए करोड़ों रुपये लिए थे। बुकिंग की तारीख से 30 महीने बाद निवेशक या तो संपत्ति पर कब्जा अथवा बुकिंग राशि की एकमुश्त 150 फीसद रकम ले सकते थे। हालांकि कंपनी ने अपने प्रोजेक्ट विकसित नहीं किए और ग्राहकों की जमापूंजी वापस नहीं लौटाई।
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दूसरी जगह डायवर्ट की रकम

जांच में सामने आया कि रोहतास ग्रुप के प्रमोटरों ने खरीदारों से इकट्ठा किए गए पैसे को अपनी एसोसिएट कंपनियों और बेनामीदारों के नाम पर ज़मीन खरीदने में खपा दिया। इन संपत्तियों को छिपाने के लिए सहयोगी कंपनी वर्धन टाउनशिप प्राइवेट लिमिटेड को ट्रांसफर कर दिया। 

इसी तरह बेनामी संपत्तियों को भी अध्याय रियल्टी इंफ्रास्ट्रक्चर एलएलपी को ट्रांसफर कर दिया। दीपक रस्तोगी ने इन बेनामीदारों से कुछ भूखंड हासिल कर उन्हें बैंकों के पास गिरवी रख दिया, ताकि आगे साफ-सुथरा बैंकिंग फंड मिल सके। ईडी इस मामले की आगे जांच कर रहा है।
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