एआई सिटी के लिए लखनऊ को इसलिए चुना गया है क्योंकि यहां 800 से ज्यादा तकनीक से संबंधित व्यवसाय और 200 से ज्यादा टेक स्टार्टअप हैं। शहर में एआई और मेडिकल टेक जैसे क्षेत्रों में एक्सीलेंस सेंटर्स भी हैं। लखनऊ में उद्यमिता को प्रोत्साहन देने वाले 15 से ज्यादा स्टार्टअप हैं। एचसीएल और टीसीएस जैसी कंपनियां हैं। लखनऊ 82.5% वयस्क साक्षरता के साथ कौशल हैं। लखनऊ में 75,000 से अधिक टेक्निकल प्रोफेशनल्स हैं। मौजूदा ऑफिस किराया टियर 1 शहरों की तुलना में 40- 50% कम किराये पर उपलब्ध हैं। शहर में नियोजित मेट्रो लाइनें हैं जो प्रमुख केंद्रों को जोड़ती हैं। लखनऊ से दिल्ली, बैंगलोर, मुंबई, कोलकाता और चेन्नई जैसे प्रमुख शहरों के लिए 60 से ज्यादा फ्लाइट्स आती-जाती हैं।
सिफी भी कर चुका करार
सिफी टेक्नोलॉजीज लखनऊ के चकगजरिया क्षेत्र में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) हब स्थापित करने के लिए 1000 करोड़ रुपये का निवेश करेगी। सिफी टेक्नोलॉजीज ने 150-200 एकड़ जमीन पर हाईपर स्केलर डाटा सेंटर स्थापित करने की संभावनाएं भी जताई है। ये योजना 7000 करोड़ रुपये के निवेश से नोएडा में स्थापित हो रहे 75 मेगावाट डाटा सेंटर के बाद दूसरी योजना होगी। नादरगंज औद्योगिक क्षेत्र में स्थित जमीन लखनऊ अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे से लगभग 3 किलोमीटर दूरी पर स्थित है। यहां सभी शहरों के लिए अच्छी कनेक्टिविटी है।
एआई प्रोडक्ट बनेंगे, एआई पर स्टार्टअप भी शुरू होंगे
ट्रिपलआईटी लखनऊ के निदेशक प्रो. अरुण मोहन शेरी ने कहा कि अभी तक दुनिया में स्मार्ट सिटी के विकास की परिकल्पना को साकार किया जा रहा है। प्रदेश में एआई सिटी अपने तरह का विश्व का यूनिक सेंटर होगा। यह विकसित भारत की दिशा में महत्वपूर्ण कदम होगा। इस एआई सिटी में देश-विदेश की नामी कंपनियां आएंगी। यहां पर एआई से जुड़े प्रोडक्ट बनेंगे। एआई आधारित स्टार्टअप का विकास किया जाएगा। शहरों के विकास में परिवहन, स्वास्थ्य सुविधाओं आदि में भी एआई का तेजी से प्रयोग बढ़ा है। एआई सिटी में इनसे जुड़ी चीजों व तकनीकी का विकास किया जाएगा। प्रो. शेरी ने कहा कि एआई तकनीकी का विकास होने से हमें भूकंप आने, बरसात होने आदि से जुड़ी जानकारी भी पहले से मिल जाएगी।
आईटी हार्डवेयर व सॉफ्टवेयर प्रोडक्शन में आएगा उछाल
फेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया आईटी फेडरेशन के अध्यक्ष देवेश रस्तोगी का कहना है कि लखनऊ में एआई सिटी की स्थापना से प्रदेश में एआई को अपनाने, डिजिटल परिवर्तन और रूपांतरण में तेजी आएगी। इससे स्टार्टअप, टेक उद्यम, शोध संस्थानों का विकास होगा। प्रदेश देश में अग्रणी प्रौद्योगिक केंद्र के रूप में स्थापित हो सकेगा। एआई सिटी से लखनऊ व प्रदेश में घरेलू और वैश्विक निवेश भी आकर्षित होगा। तकनीक उत्पादन के क्षेत्र में देश की आत्मनिर्भरता को भी मजबूती मिलेगी। एफएआईआईटीए सरकार के साथ साझा सहयोग के लिए हमेशा तैयार है।