इंदिरानगर सेक्टर-15 स्थित सनराइज अस्पताल के सह संचालक श्रावस्ती स्थित इकौना निवासी आयुष जायसवाल (30) का शव मंगलवार शाम अस्पताल के कमरे में बेड पर पड़ा मिला। कमरे का दरवाजा अंदर से बंद था। परिजनों ने कोई आरोप भी नहीं लगाया है। वहीं पुलिस उनकी मौत को स्वभाविक मान रही है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में मौत का कारण स्पष्ट नहीं हो सका है। हार्ट और विसरा डॉक्टरों ने जांच के लिए सुरक्षित रखा है।
एसीपी गाजीपुर ए. विक्रम सिंह ने बताया कि आयुष जायसवाल चिनहट के कामता इलाके में पत्नी आरती, दो बेटे व एक बेटी के साथ रहते थे। वह सनराइज अस्पताल में मैनेजमेंट का काम देखते थे। उनका अस्पताल में शेयर भी था। उनके भाई नीरज ने बताया कि आयुष दिवाली के मौके पर परिवार के साथ गांव आए थे। सोमवार रात में जानकारी हुई कि एक पेशेंट की हालत खराब है।
वह परिवार को गांव में छोड़कर रात को ही अस्पताल के लिए निकल गए। देर रात अस्पताल पहुंचे और केस निपटने के बाद वह अस्पताल की दूसरी मंजिल पर बने कमरे में सोने चले गए। मंगलवार दोपहर जब वह कमरे से नहीं निकले तो अस्पताल के कर्मचारियों ने दरवाजा खटखटाया। अंदर से कोई जवाब नहीं मिला। इस पर कर्मचारियों ने दरवाजा तोड़ा और अंदर पहुंचे तो देखा कि आयुष बेड पर पड़े थे। डॉक्टरों ने उन्हें देखते ही मृत घोषित कर दिया।
खबर पाकर आयुष के परिजन भी लखनऊ पहुंच गए। बुधवार को पोस्टमार्टम होने के बाद शव को परिजन गांव लेकर चले गए। एसीपी ने बताया कि घरवालों ने कोई आरोप नहीं लगाया है। पुलिस अपने स्तर से मामले की जांच कर रही है।