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लखनऊ: 'सहारा शहर' की लीज निरस्त करने पर सुप्रीम कोर्ट की भी मुहर, अक्तूबर में नगर निगम ने की थी कार्रवाई

Wed, 18 Mar 2026 09:04 PM IST
Akash Dwivedi अमर उजाला नेटवर्क, लखनऊ

सार

गोमती नगर स्थित सहारा शहर की जमीन की लीज निरस्त करने के नगर निगम के फैसले पर सुप्रीम कोर्ट ने भी मुहर लगा दी है। सहारा कंपनी की अपील खारिज होने के बाद जमीन को लेकर अब कोई कानूनी विवाद नहीं रहा। 
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सहारा सिटी की संपत्ति। - फोटो : अमर उजाला।
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विस्तार
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गोमती नगर स्थित सहारा शहर की जमीन की लीज निरस्त कर उसे कब्जे में लेने की कार्रवाई पर अब सुप्रीम मुहर भी लग गई है। लीज निरस्त करने की कार्रवाई के विरोध में सुप्रीम कोर्ट गई सहारा इंडिया हाउसिंग कंपनी की अपील खारिज हो गई है।

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नगर निगम ने 30 साल की लीज अवधि पूरा होने और शर्तों के उल्लंघन पर अक्तूबर में सहारा शहर को अपने कब्जे में ले लिया था। इसके बाद परिसर के गेटों को सील कर वहां सुरक्षा कर्मी तैनात कर दिए थे। इस कार्रवाई के कारण सहारा प्रमुख स्वर्गीय सुब्रत रॉय सहारा की पत्नी स्वप्ना रॉय को भी परिसर खाली करना पड़ा था। 

लीज निरस्त करने की कार्रवाई के विरोध में सहारा कंपनी पहले हाईकोर्ट गई। वहां से राहत नहीं मिली तो वह सुप्रीम कोर्ट गई। वहां भी उसे राहत नहीं मिली। कोर्ट ने 16 मार्च को अपील खारिज कर दी। नगर आयुक्त गौरव कुमार ने बताया कि सुप्रीम कोर्ट में नगर निगम की जीत हुई है। सहारा शहर की जमीन पर अब किसी तरह का कोई कानूनी विवाद नहीं रहा है।

इसलिए दी गई थी जमीन

नगर निगम की ओर से आवासीय योजना विकसित करने के लिए सहारा इंडिया हाउसिंग लिमिटेड कंपनी को 1994 में लाइसेंस पर शर्तों के तहत 170 एकड़ जमीन दी थी। जिसमें 130 एकड़ में आवासीय प्लॉट-मकान बनाकर कॉलोनी विकसित करनी थी और 40 एकड़ में ग्रीन बेल्ट। 

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शर्तों के उल्लंघन पर नगर निगम ने 1997 में लाइसेंस डीड निरस्त करने का नोटिस जारी किया था। इसके बाद से मामला कानूनी विवाद में उलझा था और बीते साल लीज का समय पूरा होने पर नगर निगम और समय बढ़ाने की बजाए उस पर कब्जा ले लिया था।

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