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Lucknow: आंधी ने किया अंधेरा, दो लाख लोगों की बिजली 22 घंटे तक के लिए गुल, ध्वस्त हुआ नेटवर्क

Fri, 10 Apr 2026 09:38 AM IST
Ishwar Ashish Bhartiya अमर उजाला नेटवर्क, लखनऊ

सार

आंधी-बारिश के कारण एयरफोर्स स्टेशन मेमौरा, मोहनलालगंज, बनी, हरौनी, कटी बगिया और गेहरू में  बिजली आपूर्ति का नेटवर्क ध्वस्त हो गया। इससे करीब दो लाख लोगों को बिजली संकट का सामना करना पड़ा।
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दो लाख लोगों ने झेला बिजली संकट। - फोटो : amar ujala
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विस्तार
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राजधानी लखनऊ में बुधवार रात आंधी-बारिश के कारण एयरफोर्स स्टेशन मेमौरा, मोहनलालगंज, बनी, हरौनी, कटी बगिया और गेहरू सहित दो लाख से अधिक आबादी को 12 से 22 घंटे तक बिजली संकट झेलना पड़ा। आंधी-बारिश के कारण इन इलाकों में बिजली आपूर्ति करने वाले 11 व 33 केवी बिजली लाइनों का नेटवर्क पूरी तरह ध्वस्त हो गया।

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इस कारण प्रभावित इलाकों में परिवारों और व्यापारियों को परेशानी का सामना करना पड़ा। बिजली के साथ-साथ पानी की आपूर्ति भी बाधित रही, जिससे लोगों को दोहरी मार झेलनी पड़ी। इन इलाकों में बुधवार रात 8 बजे बिजली आपूर्ति बाधित हुई, जो बृहस्पतिवार दोपहर तक बहाल नहीं हो सकी।

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एयरफोर्स स्टेशन मेमौरा को छोड़कर अन्य सभी इलाकों में बिजली की बहाली के लिए विभागीय कर्मचारियों को कड़ी मशक्कत करनी पड़ी। अमौसी जोन के मुख्य अभियंता राम कुमार, अधीक्षण अभियंता राजीव कुमार, अधिशासी अभियंता शशांक कुमार व विवेक प्रकाश ने उपकेंद्रों और बिजली संकट वाले इलाकों का निरीक्षण कर स्थिति का जायजा लिया।

क्षति का विवरण बनी, खुरुमपुर, गेहरू उपकेंद्रों की 11 केवी ओवरहेड व भूमिगत लाइनें क्षतिग्रस्त। बनी, खुरुमपुर उपकेंद्र की 33 केवी लाइनों के तार और खंभे तहस-नहस। कुल 22 पेड़ हाईटेंशन तारों पर गिरे जिससे 35 खंभे और तार भी टूटे। तारों के सटने से ओवर करंट के कारण कई घरों में उपकरण जल गए।
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आंधी-तूफान का प्रभाव और क्षति
बिजली व्यवस्था के ध्वस्त होने का मुख्य कारण तूफान के दौरान पेड़ की शाखाएं और पेड़ों का गिरना था। इससे बनी उपकेंद्र के यार्ड में भी फॉल्ट आ गया था। कर्मचारियों ने रात में ही उन इलाकों की बिजली बहाल करने की कोशिश की जहां तार पर सिर्फ पेड़ों की शाखाएं गिरी थीं। हालांकि काफी जगह पूरा पेड़ गिरने से तार धराशाई हो गए थे जिन्हें दुरुस्त करने में काफी समय लगा।

मोहनलालगंज में 20 घंटे तक बना रहा संकट
बुधवार की रात तेज आंधी और बारिश से इलाके में बिजली व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई। भौदरी, गनियार, जंगलीखेड़ा, मरुई समेत कई गांवों के लोगों को लंबे समय तक बिजली संकट का सामना करना पड़ा। बारिश के दौरान गनियार के पास बिजली के तारों पर पेड़ की टहनियां गिरने से फॉल्ट हो गया, जिसे ठीक होने में करीब 20 घंटे का समय लगा। प्रभावित लोगों को पूरी रात अंधेरे में गुजारनी पड़ी जबकि सुबह भी काफी समस्याओं का सामना करना पड़ा। बारिश के बाद भी इलाके के कई फीडर दो से तीन घंटे तक बंद रहे। धनुवासांड फीडर की लाइन में ब्रेकडाउन भी हो गया।

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