लखनऊ के उद्यान भवन में 'छठे उत्तर प्रदेश स्पाइसेस कॉन्फ्रेंस एंड एक्सपो 2026' का भव्य आयोजन किया गया। इसका आयोजन 'सेंटर फॉर एग्रीकल्चर एंड रूरल डेवलपमेंट' (CARD) द्वारा '3EA ग्लोबल' के सहयोग से हुआ।
लखनऊ के उद्यान भवन में 'छठे उत्तर प्रदेश स्पाइसेस कॉन्फ्रेंस एंड एक्सपो 2026' का भव्य आयोजन किया गया। इसका आयोजन 'सेंटर फॉर एग्रीकल्चर एंड रूरल डेवलपमेंट' (CARD) द्वारा '3EA ग्लोबल' के सहयोग से हुआ।
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कार्यक्रम का उद्घाटन करते हुए उद्यान मंत्री दिनेश प्रताप सिंह ने बताया कि उत्तर प्रदेश 4 करोड़ टन औद्यानिक उत्पादन के साथ देश में प्रथम स्थान पर है। उन्होंने गुणवत्ता सुधारने के लिए मिलावट पर पूर्ण अंकुश लगाने, सीमित भूमि में कृषि विविधीकरण अपनाने और कच्चे माल में आत्मनिर्भरता पर बल दिया। मंत्री ने घोषणा की कि सरकार प्रसंस्करण इकाइयों की स्थापना के लिए 35 से 50 प्रतिशत तक का अनुदान दे रही है। साथ ही लखनऊ के 'एग्री मॉल' में जैविक उत्पादों और मसालों के विपणन के लिए विशेष स्थान आरक्षित किया जाएगा।
सम्मेलन में स्पाइसेस बोर्ड के आंकड़ों के हवाले से बताया गया कि भारत ने 2025-26 में 39,140.11 करोड़ रुपये (US$ 4.43 बिलियन) मूल्य के 17.34 लाख टन मसालों का निर्यात किया है। 3EA ग्लोबल के सीईओ डॉ. विभोर मिश्र ने मसाला क्षेत्र के आर्थिक मूल्य को बढ़ाने और मूल्य संवर्धन (Value Addition) पर जोर दिया।
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तकनीकी सत्रों में अडाणी स्पाइसेस, एमडीएच, गोल्डी, राकेश मसाला और CSIR-CIMAP जैसे प्रमुख संस्थानों के प्रतिनिधियों ने अंतरराष्ट्रीय मानकों, खाद्य सुरक्षा और गुणवत्ता आश्वासन पर चर्चा की। अंत में शेफ्स द्वारा कुकिंग प्रतियोगिता का भी आयोजन किया गया।