फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

लखनऊ : सपा ने शुरू की दलित वोटबैंक साधने की रणनीति, हर जिले में सजेगा अंबेडकरवादियों- लोहियावादियों का संयुक्त मंच

Tue, 17 May 2022 01:33 AM IST
पंकज श्रीवास्‍तव अमर उजाला ब्यूरो, लखनऊ

सार

सोमवार को बुद्ध विहार में विहाराध्यक्ष बौद्ध भिक्षु ज्ञानालोक एवं उनके सहयोगी भिक्षु कौशल बोधि, भिक्षु सुमन रतन आदि से सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने मंत्रणा की। यह आश्वासन दिया कि दलितों के हितों की रक्षा के लिए निरंतर संघर्षशील रहेंगे।
विज्ञापन
लखनऊ में बौद्ध विहार में पूजन करते सपा अध्यक्ष - फोटो : amar ujala
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

समाजवादी पार्टी दलित वोटबैंक को संजोने के लिए निरंतर अभियान चलाएगी। इसकी शुरुआत बुद्ध पूर्णिमा पर हो गई है। सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने सोमवार को लखनऊ के रिसालदार पार्क स्थित बुद्ध विहार पहुंच कर भगवान बुद्ध की प्रतिमा पर पुष्प अर्पण और दीप प्रज्ज्वलित कर वंदना की। इस दौरान उन्होंने अंबेडकरवादियों एवं लोहियावादियों को एक मंच पर लाने का संकल्प दोहराया। यह भी कहा कि सपा के कार्यकर्ता हर जिले में इस तरह का कार्यक्रम आयोजित करेंगे। इतना ही नहीं वह जल्द ही कुशीनगर भी जाएंगे। इसी तरह वह खास स्थलों पर भी जल्द ही नजर आएंगे। समाजवादी पार्टी पिछड़े वर्ग के साथ ही दलित वोटबैंक को जोड़ने के लिए लगातार प्रयास कर रही है। इसी रणनीति के तहत अबेडकर वाहिनी का गठन किया गया है। विधानसभा चुनाव के दौरान तमाम नेता सपा में शामिल हुए हैं।

विज्ञापन


सोमवार को बुद्ध विहार में विहाराध्यक्ष बौद्ध भिक्षु ज्ञानालोक एवं उनके सहयोगी भिक्षु कौशल बोधि, भिक्षु सुमन रतन आदि से सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने मंत्रणा की। यह आश्वासन दिया कि दलितों के हितों की रक्षा के लिए निरंतर संघर्षशील रहेंगे। इसके पीछे सियासी रणनीति है। उनके साथ मौजूद राष्ट्रीय सचिव राजेंद्र चौधरी, नेता प्रतिपक्ष विधान परिषद संजय लाठर, विधायक रविदास मेहरोत्रा, राम सागर यादव ने भी दलितों और पिछड़ों को एक मंच पर लाने की वकालत की। पार्टी सूत्रों का कहना है कि अनुसूचित जाति, जनजाति, अंबेडकरवाहिनी के पदाधिकारियों को निर्देश दिया गया है कि जहां भी दलित उत्पीड़न की घटनाएं हों, वहां तत्काल प्रतिनिधि मंडल पहुंचेगा। घटना से संबंधित रिपोर्ट पार्टी मुख्यालय को भी देना अनिवार्य कर दिया गया है। जल्द ही सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव भी कुशीनगर बौद्ध बिहार पहुंचेंगे। इसके अलावा दलित स्थलों पर उनका कार्यक्रम लगेगा।

संगठन में दिखेगा असर
सपा सूत्रों का कहा है कि पार्टी के मुख्य कार्यकारिणी के साथ ही फ्रंटल संगठनों में भी दलितों की संख्या बढाई जाएगी। अभी तक अनुसूचित जाति, जनजाति, अंबेडकरवाहिनी में दलितों को शामिल किया गया है। पार्टी की नई कार्यकारिणी में मुख्य कमेटी में भी इनका प्रतिनिधित्व बढ़ेगा। इतना ही नहीं विभिन्न दलों के कई दलित नेता और दलित आफिसर भी जल्द ही पार्टी की सदस्यता लेंगे। पार्टी सूत्रों का कहना है कि दलित जातियों में पासी, सोनकर, धोबी आदि जाति सपा और भाजपा दोनों के साथ रही हैं, लेकिन करीब 12 फीसदी भागीदारी वाली जाटव बिरादरी पूरी मजबूती से बसपा प्रमुख व पूर्व मुख्यमंत्री मायावती के साथ डटा है। समाजवादी पार्टी इस वोटबैंक में सेंधमारी में फिराक में है। वह चाहती है कि इस वोटबैंक के सपा के पाले में आने से उसकी वोटबैंक की गठरी भारी होगी। इसी रणनीति के तहत जाटव बिरादरी के नेताओं को जिम्मेदारी सौंपी जा रही है।
विज्ञापन


भाजपा राज में अराजकता की खुली छूट: अखिलेश
सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने क हा कि भाजपा राज में अराजकता को खुली छूट मिली हुई है। लूट, अपहरण, बलात्कार की घटनाएं लगातार होरही हैं। किसानों को जीप से रौंदा जा रहा है। महिलाओं और मासूम बच्चियों के लिए उत्तर प्रदेश सर्वाधिक असुरक्षित प्रदेश हो गया है। उन्होंने आरोप लगाया कि गृह मंत्रालय ही पदमुक्त अकर्मण्य डीजीपी का चयनकर्ता था। वहीं सबसे ज्यादा अव्यवस्था है। भाजपा सरकार के वसूलीतंत्र ने समूची पुलिस व्यवस्था को कलंकित कर रखा है। इसका प्रमाण कानपुर की चकेरी पुलिस के बाद अर्मापुर पुलिस की कथित वसूली की फिक्स रेट लिस्ट की चर्चा सोशल मीडिया पर वायरल हुई है। उत्तर प्रदेश में दबिश के नाम पर पुलिस घरों में घुस कर महिलाओं से अभद्रता कर रही है।  सिद्धार्थनगर में पुलिस की गोली से महिला की मौत हुई। चंदौली में भी दबिश में गई पुलिस की दरिंदगी की शिकार एक किशोरी हुई। मुख्यमंत्री मिशन शक्ति की बात करते हैं और उनकी पुलिस अपराधीतत्वों को संरक्षण प्रदान करती है। उन्होंने कहा कि यह कैसी विडम्बना है कि उत्तर प्रदेश में भाजपाई कभी रेप आरोपी को छुड़वाने की पैरवी करते है। कभी छेड़छाड़ के आरोपी को छुड़ाने के लिए कोतवाली में हंगामा करते हैं।

विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें