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लखनऊ: नौ साल बाद मां से मिला बेटा, थाने में छलके आंसू, भावुक मिलन के गवाह बने पुलिसकर्मी

Thu, 17 Sep 2026 11:01 AM IST
Ishwar Ashish Bhartiya रविशंकर गुप्ता, अमर उजाला, लखनऊ

सार

गुजरात पुलिस के एक सिपाही ने रतन बेन जी की फोटो लेकर उनके परिजनों की तलाश शुरू की। वह उनके बेटे विशाल जयेश भाई तक पहुंची और फोटो दिखाकर पहचान कराई। विशाल ने मां को तुरंत पहचान लिया। इसके बाद लखनऊ पुलिस ने वीडियो कॉल के जरिये मां-बेटे की बातचीत कराई।
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- फोटो : amar ujala
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विस्तार
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नौ साल पहले घर से लापता हुई मां बुधवार को अचानक सामने आई तो बेटे की आंखों से आंसू छलक पड़े। हजरतगंज थाने में मां-बेटे एक-दूसरे को देखते ही गले लगकर फूट-फूटकर रोने लगे।

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गुजरात के सूरत के फूलपाड़ा निवासी 55 वर्षीय रतन बेन जी तीन दिन पहले हजरतगंज के बालू अड्डे पर अकेली घूमती मिली थीं। लोगों की सूचना पर पुलिस उन्हें थाने ले आई। इंस्पेक्टर हजरतगंज विक्रम सिंह ने बताया कि महिला की मानसिक स्थिति ठीक नहीं लग रही थी। पुलिस ने उनके लिए खाने-पीने और कपड़ों की व्यवस्था की।

बातचीत के दौरान काफी प्रयास के बाद उन्होंने अपना नाम रतन बेन जी और गुजरात के शहर व मोहल्ले का नाम बताया। इसके आधार पर पुलिस ने गूगल सर्च के जरिये संबंधित इलाके और स्थानीय थाने की जानकारी जुटाई। वहां के प्रभारी से संपर्क कर रतन बेन जी की फोटो भेजी गई।
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लिखा-पढ़ी के बाद बेटे के साथ भेजा: पुलिस ने आवश्यक लिखा-पढ़ी पूरी करने के बाद रतन बेन जी को बेटे के सुपुर्द कर दिया। नौ साल बाद मां के मिलने से परिवार में खुशी का माहौल है। विशाल लखनऊ में ठहरे हुए थे और बुधवार देर रात ट्रेन से मां को लेकर गुजरात रवाना हो गए।

फोटो लेकर परिजनों की तलाश में जुटी गुजरात पुलिस: गुजरात पुलिस के एक सिपाही ने रतन बेन जी की फोटो लेकर उनके परिजनों की तलाश शुरू की। वह उनके बेटे विशाल जयेश भाई तक पहुंची और फोटो दिखाकर पहचान कराई। विशाल ने मां को तुरंत पहचान लिया। इसके बाद लखनऊ पुलिस ने वीडियो कॉल के जरिये मां-बेटे की बातचीत कराई।

नौ साल बाद मां को सामने देखकर विशाल भावुक हो गए। वह फ्लाइट से बुधवार को लखनऊ पहुंचे। हजरतगंज थाने में मां को देखते ही दोनों एक-दूसरे से गले लगकर रोने लगे। रतन बेन जी ने भी बेटे को पहचान लिया। काफी देर तक दोनों एक-दूसरे को गले लगाए रहे। थाने में मौजूद पुलिसकर्मी भी इस भावुक मिलन के गवाह बने।

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