भाई दूज पर बृहस्पतिवार को जिला कारागार में बंद भाइयों को बहनों ने टीका लगाकर लंबी उम्र की कामना की। साथ ही, सलाखों से जल्द आजाद होने की प्राथना की। जेल में भाइयों से मिलकर बहनें भावुक हो गई। वहीं, बंदियों की आंखों से भी स्नेह के आंसू छलक पड़े। भाई दूज पर जिला कारागार में खुली मुलाकात पर बहनों की भीड़ देखने को मिली।
भाई दूज पर बृहस्पतिवार सुबह पांच बजे से ही बहनें जिला कारागार पहुंच लगीं। खुली मुलाकात पर जेल प्रशासन ने रजिस्ट्रेशन के लिए कई काउंटर बनवाए थे। कारागार के बाहर हेल्प डेस्क, स्वल्पाहार और स्वास्थ्य शिविर की भी व्यवस्था की गई। महिलाओं के लिए रोली, टीका, मिठाई की भी व्यवस्था की गई।
सघन तलाशी के बाद बहनों को जेल में प्रवेश दिया गया। जेल के भीतर बहनों ने विधिवत पूजा-पाठ करके बंदी भाईयों के माथे पर टीका लगाकर और मिठाई खिलाई। जेलर ऋत्विक प्रियदर्शी ने बताया कि भाई दूज पर 2,183 बंदियों से 3,332 महिलाओं और 1,187 बच्चों ने मुलाकात की। वरिष्ठ उप निरीक्षक उमाशंकर सिंह की अगुवाई में सौ से अधिक पुलिसकर्मी सुरक्षा के लिए तैनात रहे।