पानी की वजह से कमजोर हो गई थी दीवार
करीब 55 फीट लंबी और नौ इंच थी दीवार स्थानीय लोगों के मुताबिक करीब 15 वर्ष पहले मंदिर की दीवार को बनाया गया। बाउंड्री वॉल करीब 55 फीट लंबी और नौ इंच ऊंची है। आरोप है कि मंदिर से निकलने वाला पानी इसी दीवार में जा रहा था, जिसके कारण दीवार कमजोर हो गई और हादसा हो गया।
काफी मन्नतों के बाद हुआ था रूपलाल
गजोधर की तीन बेटियां है। मासूम के बाबा मेवालाल ने बताया कि गजोधर व संध्या ने बेटे के लिए खूब मन्नत मांगी थी। ऑपरेशन से बेटे का जन्म हुआ। जन्म के समय उसे ऑक्सीजन की समस्या हो गई जिसके कारण वह कई दिनों तक अस्पताल में भर्ती रहा। जच्चा बच्चा के स्वास्थ्य के लिए गजोधर ने गांव की जमीन बेचकर उनका इलाज कराया। इकलौते बेटे की मौत से परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। मां-बाप समेत पूरे परिवार का रो-रोकर बुरा हाल है।