गुडंबा के बेहटा गांव में सुबह हुए विस्फोट के सात घंटे के बाद 500 मीटर दूरी पर पटाखों के एक अवैध गोदाम में जोरदार विस्फोट हुआ। हादसे में एक गाय की मौत हो गई और एक भैंस घायल हो गई। धमाका इतना तेज था कि पूरा गोदाम ढह गया। गोदाम सुबह हादसे में मारे गए आलम भतीजे शेरू का है। गोदाम में विस्फोट क्यों हुआ इसका पता नहीं चल सका है। पुलिस जांच कर रही है।
बेहटा गांव में रहने वाले आलम के भतीजे शेरू ने सेमरा गांव में पटाखों का एक गोदाम बना रहा था। गोदाम हजार स्क्वायर फीट का था। बताया जाता है कि रविवार शाम साढ़े छह बजे शोरू के गोदाम में जोरदार विस्फोट हुआ। विस्फोट से गोदाम धराशायी हो गया। गोदाम में रखे पटाखे काफी दूर तक फैल गए। विस्फोट की चपेट में आने से मिश्रपुर डिपो निवासी मुन्नू की गाय की मौत हो गई और भैंस घायल हो गई। विस्फोट की खबर मिलते ही मौके पर डीसीपी पूर्वी शशांक सिंह, एडीसीपी पूर्वी पंकज सिंह, एसीपी गाजीपुर ए. विक्रम सिंह और कई थानों की फोर्स पहुंच गई। थोड़ी ही देर में दमकल की दो गाड़ियां मौके पहुंची। दमकल कर्मियों ने गोदाम में पानी डालकर सुलग रहे पटाखों को निष्क्रिय किया।
पहले हुए धमाके से पांच गुना अधिक थी तीव्रता
चोटिल भैंस को इलाज के लिए ले जाते लोग।
- फोटो : अमर उजाला।
सुबह के वक्त बेहटा गांव में हुए विस्फोट के मुकाबले शाम के वक्त शेरू के गोदाम में हुए धमाके की तीव्रता पांच गुना था। लोगों का कहना है कि धमाके की आवाज तीन से चार किलोमीटर दूर तक लोगों को सुनाई दी। धमाके की आवाज से आसपास का पूरा इलाका दहल गया। लोग दहशत में आ गए और डर के चलते घरों से बाहर निकल आए। इस बीच पुलिस की साइरन बजाती हुई गाड़ियां दौड़ने लगीं। कुछ देर के बाद ग्रामीणों को पता चला कि पटाखे के गोदाम में विस्फोट हुआ था।
ईंट लगने से घायल हुआ युवक
पटाखे के गोदाम के पास से गुजर रहे सेमरा गांव निवासी अमन की पीठ पर गोदाम से उड़ी हुई ईंट जाकर लगी। अमन उस वक्त गोदाम से 400 मीटर दूर थे और अपने घर जा रहे थे। पीठ पर ईंट लगने से अमन कोे मामूली चोट लगी।
अधिकारियों के सामने अचानक सुलगने लगे पटाखे
शेरू के गोदाम में हुए विस्फोट की सूचना पर पुलिस के अधिकारी हांफते -कांपते हुए पहुंचे। गांव में लाइट नहीं थी और चारों तरफ अंधेरा था। पुलिस ने टॉर्च की रोशनी से छानबीन शुरु की। चारों तरफ पटाखे ही पटाखे बिखरे पड़े थे। इस बीच कुछ पटाखे अचानक सुलगने लगे और अधिकारियों के हाथ-पैर फूल गए। वह लोग वहां से भाग और कुछ दूरी पर जाकर खड़े हो गए। ग्रामीणों को भी पुलिस ने घटनास्थल पर जान से रोक दिया। थोड़ी ही देर में दमकल की गाड़ी पहुंची और सुलग रहे पटाखों को बुझाया गया।
गांव में चर्चा हटाया जा रहा था माल, तभी हुआ हादसा
सेमरा गांव में इस बात की चर्चा थी कि शेरू के गोदाम में धमाका माल को हटाते वक्त हुआ था। लोगों का तर्क था कि सुबह शेरू के चाचा आलम के घर में विस्फोट हुआ था। पुलिस की संभावित कार्रवाई से बचने के लिए गोदाम से माल हटाया जा रहा था और तभी हादसा हो गया। फिलहाल इस बात की पुष्टि पुलिस ने नहीं की है। पुलिस का कहना है कि गोदाम में हुए विस्फोट की जांच की जा रही है।
मकान की टंकी व सोलर पैनल टूटा, आसपास की बाउंड्री वॉल गिरीं
शेरू के मकान के 400 मीटर के दायरे में कोई मकान नहीं है। लोगों के खाली प्लाट हैं। धमाका इतना तेज था कि कई प्लाट की बाउंड्री ढह गई। घटनास्थल से 400 मीटर दूर रहने वाले हफीज गाजी के मकान का काफी नुकसान हुआ। उनके छत पर लगी पानी की टंकी और सोलर पैनल टूट गया। मकान की दीवारों में दरारें आ गईं। गोदाम मालिक शेरू के पास लाइसेंस था या नहीं इसकी जांच की जा रही है। एडीसीपी पूर्वी- पंकज सिंह