लखनऊ। कोरोना मरीज मिलने के बाद से बंद राजाजीपुरम का रानी लक्ष्मी बाई हॉस्पिटल 48 घंटे बाद शनिवार से पहले की तरह खुलेगा। अस्पताल को विसंक्रमित करने के बाद इमरजेंसी सेवा शुरू होगी। वहीं, सीएमओ ने स्टाफ को ड्यूटी पर आने के निर्देश दे दिए हैं। इस अस्पताल में दो मई को कानपुर की गर्भवती महिला को भर्ती कराया गया था। छह मई को आई रिपोर्ट में वह कोरोना पॉजिटिव निकली। इससे अस्पताल में हड़कंप मच गया। आरोप है महिला के इलाज में लगे डॉक्टर व स्टाफ ने खास सुरक्षा इंतजाम नहीं किए थे। ऐसे में महिला के सीधे संपर्क में आए डॉक्टर, स्टाफ को मिलाकर दस लोग हाई रिस्क में और 45 लोग लो रिस्क में रखे गए हैं। संक्रमण फैलने की आशंका को देखते हुए सीएमओ ने शुक्रवार को अस्पताल सील करने का आदेश जारी किया। इसी बीच यहां ऑपरेशन कराने को भर्ती तीन मरीजों को भी डिस्चार्ज कर दिया गया। इन्हें अस्पताल खुलने के बाद आने को कहा गया है। सीएमओ के मुताबिक, हाई रिस्क वाले स्टाफ की रिपोर्ट निगेटिव आई है। वहीं, अस्पताल को भी विसंक्रमित कर दिया गया है। शनिवार से इमरजेंसी शुरू कर दी जाएगी। बिना जांच कराए मरीजों को कर दिया डिस्चार्ज आरलबी अस्पताल में कोरोना मरीज के रहने के दौरान ऑपरेशन के लिए भर्ती तीन मरीजों को बिना कोरोना जांच कराए डिस्चार्ज कर दिया गया। इनके साथ तीमारदार भी थे। आशंका है कि ये भी उन डॉक्टर व स्टाफ के संपर्क में आए होंगे, जो पॉजिटिव निकली गर्भवती के डायरेक्ट कॉन्टेक्ट में थे। इस पर अफसरों का तर्क है कि सभी मरीजों का पता समेत अन्य रिकॉर्ड हैं। ऐसे में घर से नमूना लेकर भेज दिया जाएगा। सीएमओ डॉ. नरेंद्र के मुताबिक, अस्पताल स्टाफ समेत मरीज व तीमारदार की जांच कराई जाएगी।
कोविड इमरजेंसी भी नहीं बनी थी
अस्पताल में सीएमएस डॉ. एके आर्या ने कोविड इमरजेंसी भी नहीं बनवाई थी। अस्पताल की इमरजेंसी में आने वाले संदिग्ध कोरोना रोगियों के साथ सामान्य मरीज रखे जा रहे थे। ऐसे में डॉक्टर व स्टाफ के संक्रमित होने की आशंका है। वहीं, भर्ती होने वाले मरीजों की कोरोना जांच भी नहीं करवाई जा रही थी। महिला में कोरोना के लक्षण दिखने पर उसका सैंपल लिया गया था।