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कहानी रिया की: जिंदगी ग्लैमर और रहस्य से भरी हुई, मौत आई दर्द और एकांत लेकर, अंतिम समय मां भी नहीं पहुंची

Sat, 19 Aug 2023 06:30 AM IST
रोहित मिश्र अमर उजाला सिटी रिपोर्टर, लखनऊ

सार

हमने रिया के पड़ोसियों, सोसाइटी के पदाधिकारियों और सुरक्षा गार्ड्स के साथ बात की। पड़ोसियों का कहना है कि हम रिया को दो बार देखते थे। एक बार शाम में और दूसरी बार आधी रात के बाद। 
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रिया गुप्ता - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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रिया गुप्ता की हत्या उनके लिव इन पार्टनर रिषभ सिंह ने कर दी। रिया लखनऊ के सुशांत गोल्फ सिटी के पैराडाइज क्रिस्टल में फ्लैट c-203 में रहती थीं। वह कुछ बीते नवंबर से रिषभ सिंह के साथ लिव इन में रह रही थीं। रिया की जिंदगी ग्लैमर और रहस्य से भरी हुई थी। उनके जीवन में जीवन साथी बदलते रहते थे।

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हमने रिया के पड़ोसियों, सोसाइटी के पदाधिकारियों और सुरक्षा गार्ड्स के साथ बात की। पड़ोसियों का कहना है कि हम रिया को दो बार देखते थे। एक बार शाम को 6 बजे करीब निकलते हुए। एक बार देर रात आते हुए। उनकी चाल और हावभाव से देखकर लगता था कि वह पूरे होश में कभी नहीं रही हैं। त्योहार हो या कोई और उत्सव रिया की लाइफ एक ही तरह की थी। नाम ना बताने की शर्त पर पड़ोसी कहते हैं कि रिया की लाइफ रहस्यों से भरी हुई थी। कोई एक आदमी उसकी जिंदगी में नहीं था। 

तेज रफ्तार से गेट से गाड़ी निकालती

गेट पर तैनात सुरक्षा गार्ड्स बताते हैं कि हम उन्हें नाम से नहीं जानते थे। हम सिर्फ इतना जानते थे कि वह गेट पर बहुत तेजी के साथ कार लेकर आतीं। हम आनन-फानन गेट खोल देते और वह निकल जातीं। कई बार वह मुंह में सिगरेट लगाकर ही अंदर एंट्री करतीं। चूंकि हम यह तो जानते ही थे कि वह यहां रहती हैं तो हम तुंरत ही गेट खोल देते। 
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रील्स बनाने का शौक

रिया को रील्स बनाने का शौक था। इंस्ट्राग्राम अकांउट पर इसे देखा जा सकता है। गार्ड और पड़ोसी भी यह बात बताते हैं कि वह कई बार सोसयटी में रील्स बनातीं। इस दौरान वह कभी किसी से बात ना करतीं। 

लेट नाइट घूमने का शौक

सोसायटी के पदाधिकारी बताते हैं कि हमें कई बार यह खबर मिलती कि वह लेट नाइट आतीं। एक दो बार गार्ड ने इस बारे में बात की। लेकिन फिर वह चलता रहा। वह शाम को ही निकलतीं और देर रात बीते लौटकर आतीं। सोसायटी में होने वाली किसी प्रकार की पूजा या सोशल गैदरिंग में वह शामिल ना होतीं। 

दर्द भरी मौत

रिया को गुरुवार की दोपहर गोली मारी गई। उनका शव देर रात तक फ्लैट में पड़ा रहा। उनके आसपास कोई दोस्त नहीं था। कोई जानने वाला नहीं था कि रिया कहां हैं। हद तब होती है जब पुलिस इस मामले की जानकारी पाती है और जैसे तैसे उनके फोन से उनकी मां को बुलाती है। मां लखनऊ के सदर बाजार इलाके में रहती हैं। सूचना के बाद भी मां नहीं आती हैं। जब रिया के शव को पुलिस ले जा रही होती है तो आंसू बहाने वाला एक भी शख्स उसके पास नहीं होता है। 

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