मामले की जानकारी पर पहुंचे पुलिसकर्मी।
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मंगलवार सुबह पीडब्ल्यूडी से सेवानिवृत्त सहायक अभियंता अरुण कुमार मिश्र (68) की गोली मारकर हत्या कर दी गई। आरोपी सिक्योरिटी गार्ड मनोज है जिसकी पत्नी अरुण के घर में झाडू-पोछा व खाना बनाने का काम करती है। अरुण के भतीजे नितिन ने मनोज के खिलाफ हत्या का केस दर्ज कराया है।
इंस्पेक्टर मड़ियांव शिवानंद मिश्र के मुताबिक अरुण कुमार मिश्र आठ साल पहले कानपुर से सेवानिवृत्त हुए थे। उनकी पत्नी अंजू सीतापुर में सरकारी स्कूल के प्रधानाचार्य पद से सेवानिवृत्त हैं। 25 साल से दोनों के बीच विवाद चल रहा है। अंजू सीतापुर में अकेले रहती हैं। अरुण का बेटा अनुज अपने परिवार संग विदेश में रहता है। अरुण के घर में बीकेटी के भैंसामऊ निवासी रामा देवी घरेलू काम और खाना बनाने का काम करती है। वह दो दिन से अरुण के घर पर छह साल के बेटे के साथ रुकी थीं।
14 मिनट में वारदात को दिया अंजाम, हेलमेट छोड़कर भागा
अरुण के घर में लगे सीसीटीवी कैमरे में सुबह 11:14 बजे रामा देवी का पति सिक्योरिटी गार्ड मनोज पांडेय बाइक से पहुंचता दिखा। वह हेलमेट लगाए था। रामा देवी के मुताबिक पति लाइसेंसी बंदूक लेकर घर में घुसा और उनसे झगड़ा करने लगा। आवाज सुन अरुण भी आ गए और मनोज को समझाने लगे। इस पर मनोज भड़क गया और लाइसेंसी बंदूक उनके सीने पर सटा कर गोली मार दी जो सीने के आर-पार हो गई। मौके पर ही अरुण की मौत हो गई। सीसीटीवी में 11:28 बजे आरोपी बिना हेलमेट के बाइक से भागते दिखा।
फॉरेंसिक टीम ने जुटाए साक्ष्य: पड़ोसी की सूचना पर अलीगंज डंडइया निवासी भतीजे नितिन पहुंचे। मड़ियांव पुलिस ने साक्ष्य एकत्र करने के लिए फॉरेंसिक टीम को भी बुला लिया। नितिन की तहरीर पर आरोपी मनोज के खिलाफ हत्या का केस दर्ज किया गया है। नितिन ने ये आरोप भी लगाया कि आरोपी मनोज उनके चाचा के मकान पर नजर रखे था, हालांकि इसका जिक्र उन्होंने तहरीर में नहीं किया। एडीसीपी उत्तरी जितेंद्र कुमार दुबे ने बताया कि पुलिस की तीन टीमें आरोपी की तलाश कर रही हैं।
तीन दिन पहले ही उज्जैन से लौटे थे: मुहल्ले के लोगों ने बताया कि अरुण बहुत शांत व दयालु स्वभाव के थे। तीन दिन पहले ही वह उज्जैन से महाकाल के दर्शन करके लौटे थे। अरुण फैजुल्लागंज निवासी 18 वर्षीय खुशी का बचपन से खर्च उठाते आ रहे थे। हत्या की खबर सुन खुशी भी अपने मां के साथ रोते बिलखते पहुंची।