नगर विकास नगर निगम, नगर पालिका परिषद और नगर पंचायतों के सेनेटरी सुपरवाइजरों की वेतन विसंगति दूर करने के लिए सभी नगर निकायों से प्रस्ताव मांगे गए हैं। मौजूदा समय में तीनों श्रेणी के निकायों में एक संवर्ग होने के बाद भी सुपरवाइजरों का वेतन बैंड और ग्रेड वेतन अलग-अलग है, जबकि सबका कार्य एक जैसा है।
स्थानीय नगर निकाय कर्मचारी संगठनों की मांग को देखते हुए सरकार तीनों श्रेणी के स्थानीय निकायों में तैनात सेनेटरी सुपरवाइजरों का वेतन बैंड और ग्रेड वेतन एक समान करने पर विचार कर रही है। नगर विकास नगर निगम, नगर पालिका परिषद और नगर पंचायतों के सेनेटरी सुपरवाइजरों की वेतन विसंगति दूर करने के लिए सभी नगर निकायों से प्रस्ताव मांगे गए हैं। मौजूदा समय में तीनों श्रेणी के निकायों में एक संवर्ग होने के बाद भी सुपरवाइजरों का वेतन बैंड और ग्रेड वेतन अलग-अलग है, जबकि सबका कार्य एक जैसा है। स्थानीय निकाय निदेशालय ने तीनों श्रेणी के नगर निकायों से प्रस्ताव भेजने को कहा है।
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दरअसल, तीनों निकायों में तैनात सेनेटरी सुपरवाइजरों के वेतन बैंड और ग्रेड वेतन में भारी अंतर है, जबकि इनकी नियुक्ति प्रक्रिया, पात्रता और शैक्षिक योग्यता समान है। पिछले दिनों उत्तर प्रदेश स्थानीय कर्मचारी महासंघ समेत अन्य कर्मचारी नेताओं ने नगर विकास मंत्री समेत उच्चाधिकारियों मुलाकात करके फिर अपनी बात रखी थी।
महासंघ के पदाधिकारियों और शासन के प्रतिनिधियों के बीच कई बार वार्ता भी हुई थी। सपा के बाद योगी-01 सरकार में भी इस विसंगति को दूर करने के लिए प्रस्ताव मंगा गया था, लेकिन बात आगे नहीं बढ़ पाई। स्थानीय निकाय निदेशालय ने सभी नगर निगम, नगर पालिका परिषदों और नगर पंचायतों में तैनात सेनेटरी सुपरवाइजरों की संख्या, उनकी शैक्षिक योग्यता, भर्ती प्रक्रिया और मौजूदा वेतन बैंड और ग्रेड वेतन के बारे में रिपोर्ट समेत प्रस्ताव एक सप्ताह में निदेशालय को उपलब्ध कराने को कहा है।