रायबरेली। ट्रेनों की लेटलतीफी से यात्रियों को जूझना पड़ रहा है। उमस भरी गर्मी के बीच यात्रियों को पसीना बहाते हुए ट्रेनों का इंतजार करना पड़ा। बुधवार को लखनऊ से प्रयागराज जाने वाली पैसेंजर ट्रेन पौने तीन घंटे विलंब से आई। चंडीगढ़ से प्रयागराज जाने वाली ऊंचाहार एक्सप्रेस डेढ़ घंटे देर से पहुंची। बनारस से नई दिल्ली जाने वाली काशी विश्वनाथ एक्सप्रेस भी लगभग सवा घंटे देर से आई। ज्यादातर ट्रेनें आधे घंटे से कम लेट रहीं।
मंगलवार देर रात बरेली-प्रयागराज एक्सप्रेस डेढ़ घंटे और प्रयागराज-लखनऊ पैसेंजर सवा घंटे विलंब से पहुंची। ट्रेनों की लेटलतीफी की वजह से यात्री परेशान हुए। स्टेशन अधीक्षक रवि रंजन ने बताया कि विलंब से आने वाली सभी ट्रेनें पिछले स्टेशनों से लेट होने के कारण देर से पहुंची हैं।
ट्रेनों को चलाने के बताए नियम
रायबरेली। ऊंचाहार स्थित एनटीपीसी परिसर में बुधवार को लोको पायलटों और ट्रेन मैनेजरों की काउंसिलिंग हुई। सहायक परिचालक प्रबंधक नरेश कुमार ने ट्रेन चलाने के नियमों से सभी लोको पायलटों (चालकों) और ट्रेन मैनेजरों (गार्ड) को अवगत कराया। कहा कि सभी लोग नियमों का ध्यान रखें। इसमें किसी तरह की लापरवाही नहीं बरतनी चाहिए। अगर सभी नियमों का पालन करेंगे तो ट्रेनें भी समय से चलेंगी और सुरक्षित संचालन हो सकेगा। इस मौके पर क्षेत्रीय यातायात निरीक्षक बाल मुकुंद और ऊंचाहार के स्टेशन अधीक्षक विनोद कुमार त्रिपाठी भी उपस्थित रहे।