प्रदेश में लखनऊ प्रयागराज और वाराणसी को जल्द ही कोरोनावायरस की नई दवा विरोफिन उपलब्ध कराई जाएगी। पहले चरण में यह तीनों जिलों के एक एक कॉविड हॉस्पिटल में उपलब्ध कराई जाएगी। इसकी कार्ययोजना तैयार की जा रही है।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने दवाओं की स्थिति की समीक्षा करते हुए निर्देश दिया कि तीनों जिलों में वरीयता के आधार पर विस्तृत कार्य योजना बनाकर दवा की उपलब्धता सुनिश्चित कराई जाए। जायडस कैडिला कम्पनी की नई दवा को ड्रग कंट्रोलर ने मंजूरी दे दी है। मुख्यमंत्री ने कहा कि कोरोना संक्रमण के बीच चिकित्सा वैज्ञानिक दवाओं के नवीन विकल्पों की खोज में भी लगे हुए हैं। जीवनरक्षक मानी जा रही रेमेडेसीवीर इंजेक्शन की आपूर्ति भी बढ़ाई जा रही है।
केंद्र सरकार ने 30 अप्रैल तक के लिए यूपी को रेमेडेसीवीर के 1,61,000 वॉयल का आवंटन किया है। इससे पहले इस अवधि तक के लिए यूपी को करीब 1,22000वॉयल का आवंटन किया गया था। हर दिन लगभग 18,000 से 20,000 वॉयल प्रदेश को प्राप्त हो रही है। उन्होंने निर्देश दिए कि विभिन्न दवा निर्माता कम्पनियों से सीधे संवाद स्थापित करते हुए इस जीवनरक्षक मानी जा रही दवा की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित कराई जाए। सरकारी अस्पतालों में मरीजों को यह नि:शुल्क उपलब्ध कराई जा रही है। उन्होंने निर्देश दिए हैं कि यदि किसी निजी अस्पताल में रेमेडेसीवीर की आवश्यकता है तो उसे भारत सरकार द्वारा अनुमन्य दरों पर मुहैया कराई जाएगी।
अंतिम संस्कार में कोविड प्रोटोकॉल और धार्मिक मान्यता का हो पालन
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने निर्देश दिए हैं कि सभी नगरीय अथवा ग्रामीण अंत्येष्टि स्थलों पर कोविड मरीजों का अंतिम संस्कार उनकी धार्मिक मान्यता के अनुसार कोविड प्रोटोकॉल का पालन करते हुए कराया जाए। इसके लिए मृतक के परिजनों से किसी प्रकार का शुल्क न लिया जाए। किसी घाट पर वसूली की शिकायत मिली तो संबंधित के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। शव को अंत्येष्टि स्थल तक लाने के लिए प्रशासन वाहन उपलब्ध कराए। इसके लिए सभी जिलों में वाहन का प्रबंधन होना चाहिए।