चौक में आगरा के सराफ कारोबारी रितेश सोनी की 73 किलो 425 ग्राम चांदी लूटने की वारदात उसके ही कर्मचारी हरीशचंद्र ने कराई थी।
आज पुलिस ने उसके दो और साथियों को गिरफ्तार कर लिया, जबकि तीन अन्य फरार है।
पुलिस की पूछताछ में उसने वारदात के लिए राजस्थान से चार बदमाशों को बुलाने की बात कुबूली है। चौक पुलिस और क्राइम ब्रांच की एक टीम राजस्थान के अलावा आगरा, मुरादाबाद व लखनऊ में बदमाशों की तलाश कर रही है।
पुलिस सूत्रों ने बताया कि शुरुआती छानबीन में हरीशचंद्र और ड्राइवर चंद्रप्रकाश पर ही वारदात कराने का शक हो रहा था। दोनों को कोतवाली लाकर सख्ती से पूछताछ की गई तो हरीशचंद्र टूट गया।
उसने वारदात कराने की बात स्वीकार करते हुए बताया कि बदमाश राजस्थान के ही रहने वाले हैं और उसके परिचित हैं। रितेश जब आगरा से चांदी लेने लखनऊ निकला, तभी उसने अपने साथियों को सूचना दे दी थी।
मंगलवार सुबह वह अग्रवाल धर्मशाला के पास खड़ी कार में चांदी की सिल्लियां रखकर रितेश के पास लौटा, तभी बदमाशों ने धावा बोल दिया। ड्राइवर चंद्रप्रकाश को मारपीटकर बदमाश चांदी की सिल्लियां ले उड़े।
हरीशचंद्र ने बदमाशों के नाम-पते और उनके संभावित ठिकानों के बारे में पुलिस को जानकारी दे दी है। पुलिस टीमें बदमाशों की तलाश में दबिश दे रही हैं।
एसएसपी दीपक कुमार का कहना है कि बदमाश जल्द पकड़ लिए जाएंगे।
वारदात से सवा घंटे पहले ही घटनास्थल पहुंच गए थे बदमाश स्कॉर्पियो कार सवार बदमाश वारदात से सवा घंटे पहले ही घटनास्थल पहुंच गए थे।
पुलिस ने सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगालीं तो काली जी मंदिर के पास ही लगे एक कैमरे में रात 2.47 बजे स्कॉर्पियो कार जाती दिखी। यह कार अग्रवाल धर्मशाला से करीब 50 मीटर दूर लालजी टंडन पुल के पास से मुड़कर खड़ी हो गई।
बदमाश कार के भीतर ही बैठे रहे। पुलिस का मानना है कि बदमाश हरीशचंद्र के चांदी लेकर आने का इंतजार कर रहे थे। सुबह चार बजे जैसे ही हरीशचंद्र चांदी की सिल्लियां कार में रखकर और ड्राइवर चंद्रप्रकाश को वहां छोड़कर गया, बदमाशों ने धावा बोल दिया। महज तीन मिनट में बदमाश चांदी लूटकर भाग निकले।