फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

सामने आई करतूत: दरोगा खेलता रहा लूडो, आरोपियों के संपर्क में रहे सिपाही ने गिरफ्तारी के पहले ही भगा दिया

Wed, 24 Jul 2024 03:16 PM IST
ishwar ashish अमर उजाला नेटवर्क, लखनऊ

सार

बिजली संकट में विवाद के दौरान प्रॉपर्टी डीलर की मौत के मामले में विभागीय जांच में निलंबित पुलिसकर्मियों की करतूत सामने आ गई है। जब पीड़ित पक्ष तहरीर लेकर थाने पहुंचा तो दरोगा लूडो खेल रहा था। मामले की सुनवाई नहीं की।
विज्ञापन
दरोगा सुशील यादव और दरोगा सुभाष चंद्र यादव। - फोटो : amar ujala
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

प्रॉपर्टी डीलर ऋतिक पांडेय की मौत के मामले में निलंबित पुलिसकर्मियों की करतूत उजागर हुई। जब पीड़ित पक्ष शिकायत करने पहुंचा था तो एक दरोगा मोबाइल पर लूडो खेल रहा था, उसने कार्रवाई करने की जहमत नहीं उठाई थी। शिकायतकर्ता को वापस भेज दिया था। दूसरा दरोगा वारदात की जानकारी होते ही बिना अनुमति के गैर जनपद भाग गया। वहीं सिपाही का कनेक्शन आरोपियों से मिला है। इसलिए इन तीनों को निलंबित किया गया।

विज्ञापन


दरअसल वारदात के बाद जब बंथरा पुलिस पर लापरवाही का आरोप लगा था तब डीसीपी ने मामले की जांच एसीपी कृष्णानगर को दी थी। जांच में पता चला कि वारदात की रात जब पीड़ित पक्ष तहरीर लेकर थाने पहुंचा था तब दरोगा सुशील यादव लूडो खेल रहा था। शिकायतकर्ता ने कार्रवाई की मांग की थी तो उनको वहां से भगा दिया था। बोला था कि जो होगा सुबह होगा।

ये भी पढ़ें - सोने के दाम में होगी रिकॉर्डतोड़ कमी... इतने हजार कम में मिलेगा 10 ग्राम; अब रोज बिकेगा 150 किलो ठोस गोल्ड
विज्ञापन


ये भी पढ़ें - यूपी में बड़ा खेला: यहां आबादी से ज्यादा बना दिए जन्म प्रमाणपत्र... आतंकी कनेक्शन के बाद चर्चा में आया ये गांव


वहीं दरोगा सुभाष यादव इलाके का हलका इंचार्ज था। जब सुबह उसको जानकारी हुई कि मारपीट के मामले में एक की मौत हो गई है तो वह गैर जनपद चला गया। सिपाही यतेंद्र की भूमिका सबसे संदिग्ध पाई गई, क्योंकि घटना के बाद मुख्य आरोपियों से उसकी फोन पर बातचीत हुई। पुख्ता साक्ष्यों के आधार पर इन तीनों पर कार्रवाई की गई है।

सिपाही के इशारे पर भागे आरोपी
जिस तरह से जांच में सामने आया कि सिपाही के संपर्क में आरोपी थे, उससे साफ है कि उसी ने उनको कार्रवाई की जानकारी दी। ये भी बताया कि केस दर्ज हो गया है। अब गिरफ्तारी होगी। इसलिए पहले ही उनको भगा दिया। अब पुलिस को आरोपियों को पकड़ने में दिक्कत आ रही है।
विज्ञापन


झूठ बोलकर फंसा दरोगा
जांच के दौरान जब दरोगा सुभाष से संपर्क किया गया तो एक जिले का नाम लेकर बोला कि वह वहां कोर्ट में आया है। विभागीय कार्य को लेकर। लेकिन, जब उसकी लोकेशन पता की गई तो वह अपने गृह जनपद के करीब था। इससे उसके झूठ का राजफाश हुआ।

कई पुलिसकर्मियों के करीबी हैं आरोपी
नामजद आरोपियों का अक्सर स्थानीय थाने में आना जाना लगा रहता था। आरोपी हिमांशु सिंह का पिता कन्हैया सिंह हिस्ट्रीशीटर भी रहा है। कई पुलिसकर्मी इन लोगों के बेहद करीबी हैं। अंदेशा है कि यही वजह थी कि उस रात पहली बार की शिकायत पर सुनवाई नहीं की गई।

और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें