लखनऊ पुलिस कमिश्नर के अनुसार, 17 जनवरी को स्मृति और रणजीत की मैरिज एनवर्सरी थी। दोनों लखनऊ के सिकंदरबाग चौराहे पर मिले थे। रणजीत स्मृति को लेकर एनवर्सरी सेलीब्रेट करने के लिए होटल जाना चाहता था पर स्मृति के इंकार पर भड़के रणजीत ने उसे थप्पड़ मार दिया। इसे जानकर, देवेंद्र आग बबृला हो गया और रणजीत को जान से मारने का फैसला कर लिया।
हजरतगंज के ग्लोब पार्क के सामने रविवार सुबह छह बजे रणजीत की गोली मारकर हत्या की गई थी। हमलावर ने उनके साथी आदित्य के हाथ में भी गोली मारी थी, जिससे वह घायल हो गया था। रविवार से अब तक पुलिस की आठ टीमों ने रणजीत के ओसीआर स्थित आवास से ग्लोब पार्क तक 40 से ज्यादा सीसीटीवी कैमरे खंगाले।
यहीं नहीं कॉल डिटेल के आधार पर 87 मोबाइल नंबर को ट्रेस किया। जनपथ मार्केट के पास मिले सीसीटीवी कैमरे की फुटेज से करीबी पर शक गहराने लगा। पुलिस इसे लेकर परिवारीजनों पर भी संदेह कर रही थी। इनसे सख्ती से पूछताछ शुरू हो गई है।
ओसीआर में हवन व शांति पाठ
ओसीआर के बी ब्लॉक स्थित 604 नंबर फ्लैट पर रणजीत बच्चन की आत्मा की शांति के लिए बुधवार दोपहर हवन व शांति पाठ हुआ। इसमें परिवारीजन व रिश्तेदार शामिल हुए। इस दौरान वहां पुलिस टीम भी मुस्तैद रही।