आवारा कुत्तों के बढ़ने से उनके मरने की घटनाएं भी बढ़ती हैं।
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शहर में मृत कुत्तों के निस्तारण की अभी कोई पुख्ता व्यवस्था नहीं है मगर अब उनका निस्तारण सही तरीके से किया जाएगा। उसको लेकर एक प्लांट लगाया जाएगा। यह विद्युत शवदाह गृह की तरह काम करेगा। इसको लेकर प्रस्ताव भी पास हो गया है। जिस पर करीब चार करोड़ रुपए खर्च होंगे। कंपनी चयन को लेकर इसी महीने टेंडर प्रक्रिया भी पूरी कर ली जाएगी।
नगर निगम के पशुकल्याण अधिकारी डा. अभिनव वर्मा का कहना है कि अभी सभी आठों जोन में मिलाकर रोज करीब 100 से अधिक शिकायतें कंट्रोल रूम में मृत कुत्तों को उठाने को लेकर आती हैं। नगर निगम की टीम उनको उठाकर लाती है और फिर उनको शिवरी प्लांट पर ले जाकर खाली जगह में गड्ढा खोदकर दफनाया जाता है। अभी उनके किसी अन्य तरह से निस्तारण की व्यवस्था नहीं है। अब नई व्यवस्था में मृत कुत्तोंं के लिए इंसीनरेटर लगाने की योजना पास हुई है। जिसके मृत कुत्तों का निस्तारण विद्युतशवदाह की तरह होने लगेगा। यह प्लांट सीएनजी गैस से चलेगा। बिजली से भी उसको चलाया जा सकेगा
दो घंटे में पचास कुत्तों का हो जाएगा अंतिम संस्कार
जेा प्लांट लगाया जाएगा उसमें एक साथ 50 कुत्तों का निस्तारण किया जा सकेगा। उसके लिए उमसें पांच भट्ठी लगेंगी। हर भट्ठी की ट्रे मे 10 मृत कुत्ते रखे जा सकेेंगे। एक बार मशीन चलेगी तो वह करीब दो घंटे लेगी। इस तरह एक बार में 50 कुत्तों का अंतिम संस्कार हो जाएगा।
बड़ी समस्या से मिलेगी राहत- महापौर
महापौर सुषमा खर्कवाल का कहना है कि मृत कुत्तों के निस्तारण का प्लांट लग जाने से बहुत एक बड़ी समस्या हल हो जाएगी। अभी निस्तारण का कोई सही इंतजाम नहीं है। प्लांट लगाने के प्रस्ताव को पास कर दिया गया है। उसको लगाने की प्रक्रिया भी शुरू करने के निर्देश दिए गए हैं। मृत कुत्तों के निस्तारण को लेकर एक प्लांट लगाने के अलावा मृत पशुओं को उठाने के लिए ऑटोमैटिक गाड़ी गाड़ी खरीदने को भी मंजूरी दी गई है।