लक्ष्य इस चैंपियनशिप में एशियाई टीम का प्रतिनिधित्व करने वाले यूपी के दूसरे खिलाड़ी हैं। इससे पहले वाराणसी के पार्थ प्रभाकर वर्ष 2021 में इस चैंपियनशिप में एशियाई टीम का प्रतिनिधित्व कर चुके हैं। इसी वर्ष तमिलनाडु की हंसिनी मथन राजन ने भी प्रतियोगिता में एशियाई बालिका टेबल टेनिस टीम में जगह बनाई थी। जहां तक विश्व चैंपियनशिप में खेलने का सवाल है, लखनऊ के दिव्यांश श्रीवास्तव ने वर्ष 2024 में भारत की ओर से अंडर-19 वर्ल्ड चैंपियनशिप में भाग लिया था। वहीं, गाजियाबाद के सार्थ मिश्रा ने वर्ष 2023 में हुई अंडर-19 एशियन चैंपियनशिप में भारत का प्रतिनिधित्व किया था।
12 साल से कम उम्र के खिलाड़ियों के लिए प्रतिभा खोज मंच
आईटीटीएफ वर्ल्ड होप्स वीक एंड चैलेंज युवा टेबल टेनिस खिलाड़ियों के लिए अंतरराष्ट्रीय टेबल टेनिस महासंघ (आईटीटीएफ) का प्रमुख प्रतिभा-खोज कार्यक्रम है। वर्ष 2009 में शुरू हुए इस आयोजन का मुख्य उद्देश्य दुनिया भर के 12 वर्ष से कम आयु के टेबल टेनिस खिलाड़ियों को एक मंच पर लाना है। इसमें वर्ष 2014 या उसके बाद जन्मे खिलाड़ियों का एशिया, यूरोप, अफ्रीका, अमेरिका और ओशिनिया जैसे विभिन्न महाद्वीपों से चयन किया जाता है।
कोच पराग अग्रवाल का अहम योगदान
यूपी टेनिस एसोसिएशन के सचिव अरुण बनर्जी का कहना है कि महज 12 वर्ष की उम्र में लक्ष्य देश के प्रतिभाशाली खिलाड़ियों में शुमार हो गए हैं। उनके कॅरिअर को संवारने में कोच पराग अग्रवाल का अहम योगदान रहा है। विश्व चैंपियनशिप के लिए एशियाई टीम में चयनित होना बड़ी उपलब्धि है। उम्मीद है कि लक्ष्य की सफलता का कारवां यूं ही जारी रहेगा।