लखनऊ विश्वविद्यालय में एक फरवरी से आउटसोर्सिंग कर्मचारियों के लिए भी बॉयोमीट्रिक उपस्थिति अनिवार्य होगी। कुलपति के निर्देश पर जारी आदेश के तहत कर्मचारियों को कार्यस्थल पर ही काम करना होगा। विभागाध्यक्ष निजी कार्य नहीं ले सकेंगे और उपस्थिति के आधार पर ही वेतन जारी होगा।
लखनऊ विश्वविद्यालय में पहली अब बॉयोमीट्रिक उपस्थिति आउटसोर्सिंग कर्मचारियों को भी दर्ज करानी होगी। इस संबंध में कुलपति प्रो. जेपी सैनी के निर्देश पर कुलसचिव भावना मिश्रा ने बृहस्पतिवार को आदेश जारी कर दिया है। साथ ही विभागाध्यक्षों को निर्देश दिए गए हैं कि कर्मचारियों को उपस्थिति का ब्योरा हर माह दो तारीख को भेजना होगा तभी उनका वेतन निकल सकेगा।
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इस संबंध में विश्वविद्यालय के अधिकारिक सूत्रों ने बताया कई ऐसे कर्मचारी हैं जो विभागाध्यक्षों या कुछ अधिकारियों के घरों पर भी काम कर रहे थे। इसकी वजह ये थी उनकी उपस्थिति सिर्फ रजिस्टर में ऑफलाइन ही दर्ज होती थी। इस बारे में शिकायत भी मिली थी कि कर्मचारियों की उपस्थिति विभाग में दर्ज होती है और काम निजी कराए जाते थे।
बीते वर्ष एक शिक्षक के घर पर एक कर्मचारी काम करने के दौरान घायल भी हो गया था। कुलपति के इस निर्णय के बाद कर्मचारी को अपने कार्य स्थल पर रहना होगा। विभागाध्यक्ष अपने निजी काम उनसे नहीं ले सकेंगे। इसके अलावा अधिकारियों और कर्मचारियों के लिए 1 फरवरी से बॉयोमीट्रिक उपस्थिति अनिवार्य की गई है। वहीं शिक्षक अपनी उपस्थिति विभागों में पहले से दे रहे हैं।