नेशनल इंवेस्टिगेशन एजेंसी (एनआईए) की विशेष न्यायाधीश शिवानी जायसवाल ने अंसार गजवातुल हिंद के आतंकी मुशीरुद्दीन, मिनहाज और मोहम्मद मोईद के मामले में सुनवाई के लिए 10 मई की तारीख तय की है। अलकायदा के सहयोगी संगठन अंसार गजवातुल हिंद से जुड़े इन आरोपियों पर प्रदेश में ब्लास्ट करने समेत अन्य जघन्य आरोप हैं। इसके पहले तीनों आरोपियों ने अपने वकीलों के माध्यम से अलग अलग डिस्चार्ज अर्जी दी। इस पर कोर्ट ने अभियोजन पक्ष को आपत्ति दाखिल करने और आरोपियों को कोर्ट में पेश करने का आदेश दिया। बुधवार को आरोपी कोर्ट में हाजिर नहीं थे।
एनआईए के वकील एमके सिंह ने कोर्ट में बताया था कि मामले की रिपोर्ट 11 जुलाई को एटीएस ने गोमतीनगर थाने में दर्ज कराई थी। बाद में मामला एनआईए को सौंप दिया गया। 29 जुलाई 2021 को एनआईए ने दूसरी रिपोर्ट दर्ज कर विवेचना शुरू की। चार्जशीट में पता चला कि जम्मू कश्मीर स्थित अलकायदा के आतंकियों ने आरोपी मिनहाज से ऑनलाइन संपर्क किया और मिनहाज ने साजिश में शामिल होकर अंसार गजवातुल हिंद के लिए सदस्यों की भर्ती की। मिनहाज ने मुशीरुद्दीन को उत्तर प्रदेश में आतंकी घटनाओं को अंजाम देने के लिए भर्ती किया था। मिनहाज और मुशीर ने धमाके करके भारत सरकार के खिलाफ युद्ध छेड़ने के लिए हथियार और बम इकक्ठे कर धमाकों के स्थान को चिह्नित किया। वहीं, अन्य आरोपी शकील, मोहम्मद मुस्तकीम और मोहम्मद मोईद भी साजिश में शामिल थे।