फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Lucknow News : तीन रेलखंडों पर 130 की रफ्तार से दौड़ेंगी ट्रेनें, गोरखपुर, वाराणसी, कानपुर रूट पर मिलेगी राहत

Thu, 10 Nov 2022 07:11 PM IST
पंकज श्रीवास्‍तव माई सिटी रिपोर्टर, अमर उजाला, लखनऊ

सार

चारबाग व लखनऊ जंक्शन रेलवे स्टेशन पर सवा लाख के आसपास यात्रियों की आवाजाही है। इन स्टेशनों से 80 से अधिक ट्रेनों से पैसेंजर सफर करते हैं। ऐसे में चारबाग व जंक्शन से होकर गुजरने वाली ट्रेनें मुख्य रूप से वाराणसी, कानपुर व गोरखपुर रूट पर  संचालित होती हैं।
विज्ञापन
train demo - फोटो : फाइल फोटो
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

लखनऊ से कानपुर जाना हो या फिर गोरखपुर या वाराणसी रूट के स्टेशनों के लिए सफर करना हो, जल्द ही पैसेंजरों को 130 की रफ्तार से दौड़ती ट्रेनों पर यात्रा का मौका मिलेगा। इन रूटों पर तय मियाद के तहत ट्रैक, सिग्नलिंग व मेंटीनेंस का काम पूरा किया जा रहा है, जिससे ट्रेनों की स्पीड बढ़ाकर यात्रियों का समय बचाया जा सकेगा।

विज्ञापन


चारबाग व लखनऊ जंक्शन रेलवे स्टेशन पर सवा लाख के आसपास यात्रियों की आवाजाही है। इन स्टेशनों से 80 से अधिक ट्रेनों से पैसेंजर सफर करते हैं। ऐसे में चारबाग व जंक्शन से होकर गुजरने वाली ट्रेनें मुख्य रूप से वाराणसी, कानपुर व गोरखपुर रूट पर  संचालित होती हैं। लिहाजा उत्तर व पूर्वोत्तर रेलवे प्रशासन ने रेलवे बोर्ड केनिर्देश पर इन रूटों पर ट्रेनों की रफ्तार बढ़ाने को लेकर ट्रैक, सिग्नलिंग, स्लीपर बदलने, इंटरलॉकिंग व यार्ड रिमॉडलिंग के काम तेजी से किए हैं, जिससे रफ्तार बढ़ाने में मदद मिलेगी।

इन तीनों रेलखण्डों पर हजारों की तादात में पैसेंजर सफर करते हैं। ऐसे में ट्रेनों की स्पीड बढ़ाकर 130 कर देने से उन यात्रियों के समय की बचत होगी। मंडल रेल प्रबंधक एसके सपरा ने बताया कि मिशन रफ्तार व मिशन गतिशक्ति केतहत आधारभूत ढांचे को मजबूत करने के तमाम कार्य किए जा रहे हैं। लखनऊ से वाराणसी रूट पर डबलिंग हुई है। विद्युतीकरण हुआ है। चरणबद्ध ढंग से कार्य कराए गए हैं। इससे रूट पर ट्रेनों की रफ्तार एक सौ तीस किमी करने में मदद मिलेगी। यह जल्द कर दी जाएगी। इसी क्रम में लखनऊ कानपुर रूट पर स्पीड बढ़ाने में जो बाधाएं थीं, उन्हें दूर किया गया है। मेंटीनेंस कार्य युद्धस्तर पर हुए हैं।
विज्ञापन


गोरखपुर रूट: 110 से 130 होगी रफ्तार
रेलवे अधिकारी बताते हैं कि लखनऊ गोरखपुर रूट पर एब्सोल्यूट की जगह आटोमेटिक सिग्नल लगेंगे। इस नई व्यवस्था में प्रत्येक किमी पर सिग्नल होने से ट्रेनें एक केपीछे एक कर चल सकेंगी। गोंडा यार्ड रिमॉडलिंग हो गई है और मेंटीनेंस केतमाम कार्य कराए जा चुके हैं। ऐसे में अब 110 से 130 किमी प्रति घंटे की रफ्तार हो जाएगी। यह काम पिछले दो साल से चल रहा था। लूप लाइन में भी दस किमी की जगह अब 30 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से ट्रेनें चलेंगी। पहले फेज में लखनऊ से गोरखपुर के 272 किमी सेक्शन के बाद गोरखपुर से छपरा रेलखण्ड का उद्धार होगा।

कानपुर रूट: पहले सौ, फिर रफ्तार पहुंचेगी 160
लखनऊ दिल्ली रेलखण्ड में कानपुर रूट प्रमुख सेक्शन है। इस रेलखण्ड पर कॉशनों की वजह से ट्रेनों की रफ्तार औसतन 70-80 किमी प्रतिघंटे तक ही रहती थी। लेकिन लखनऊ कानपुर रूट के उन्नाव में मिशन शक्ति केतहत कार्य हो रहे हैं। गंगाघाट स्टेशन को फाइवलेन का बनाया जा रहा है। रेलखण्ड केकई स्टेशनों पर इंटरलॉकिंग का कार्य हो चुका है। रूट पर दो नई लाइनों को भी बिछाया जाना है, जिसके लिए सर्वे हो रहा है। दिसम्बर तक इस रूट पर सौ किमी की रफ्तार व अगले साल 130 की जाएगी, जिसके बाद रेलवे रूट पर गाड़ियों को 160 किमी तक दौड़ाने की तैयारी में है। इससे कानपुर का सफर महज 45 मिनट में सफर पूरा हो सकेगा। 70 प्रतिशत रेलखण्ड पर काम हो चुका है।

वाराणसी रूट: छह घंटे का सफर तीन में होगा पूरा
उत्तर रेलवे लखनऊ मंडल केप्रमुख सेक्शनों में लखनऊ वाराणसी रूट शामिल है। दोहरीकरण से लेकर इलेक्ट्रिफिकेशन व मरम्मत केअन्य कार्य रूट पर कराए गए हैं। 52 किग्रा की जगह 60 केजी स्लीपर लगाए गए हैं। चरणबद्ध ढंग से कार्य होने की वजह से अब इस रूट पर ट्रेनों की रफ्तार बढ़ाकर 130 तक पहुंचाने का लक्ष्य निकट है। इससे लखनऊ से वाराणसी पहुंचने में पहले जहां ट्रेनों को साढ़े पांच घंटे लगते थे, वहीं ट्रैक स्पीड बढ़ने के बाद यह घटकर तीन घंटे तक हो जाएगी। तीन सौ किलोमीटर लम्बे इस रूट पर साठ से अधिक ट्रेनें चलती हैं।

विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें