लखनऊ में ठाकुरगंज के दौलतगंज में मकान मालिक ने किरायेदार वकील अहमद (26) को बुरी तरह पीट दिया। गंभीर हालत में उसे इलाके लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया। जहां शनिवार देर रात उसकी मौत हो गई। परिवार ने पुलिस पर लापरवाही का आरोप लगाया है। वहीं पीड़ित परिजनों की तहरीर पर दो के खिलाफ गैर इरादतन हत्या का केस दर्ज कर आरोपियों की तलाश की जा रही है।
सीतापुर के बिस्वा निवासी मो. अहमद के मुताबिक भाई वकील अहमद दौलतगंज इलाके में वीरु उर्फ रफी अहमद के मकान में किराये पर रहता था। आठ अक्तूबर को मकान मालिक किराया न दे पाने पर मकान खाली करने का दबाव बनाने लगे। कुछ दिन की मोहलत मांगने पर रफी अहमद ने पड़ोस में ही रह रहे शहबू के साथ मिलकर वकील की पिटाई कर दी। जमीन पर उठा उठाकर पटका। जिससे वह चोटिल हो गया। शनिवार की रात तबियत ज्यादा बिगड़ने पर पास के ही निजी अस्पताल ले गए, जहां इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। वहीं, इंस्पेक्टर ठाकुरगंज विजय कुमार यादव के मुताबिक दोनों पक्षों में आठ अक्तूबर को मारपीट हुई थी।
13 अक्तूबर को पीड़ित वकील अहमद की ओर से शिकायत मिलने पर दोनों आरोपितों के खिलाफ एनसीआर दर्ज कर मेडिकल कराया गया था। मेडिकल में कोई गंभीर चोट नहीं आई थी। इसके बाद वह मकान खालीकर दूसरी जगह रहने चला गया। शनिवार को अचानक तबियत कैसे बिगड़ गई जांच की जा रही है। परिजनों का आरोप है कि बीते आठ अक्तूूबर को रफी अहमद और शहबू ने मिलकर वकील अहमद की पिटाई की। इसके बाद 13 अक्तूबर को वह ठाकुरगंज थाने शिकायत करने गए। पुलिस ने एनसीआर दर्ज कर वापस लौटा दिया। आरोपितों के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की।
एक वर्ष पूर्व हुई थी शादी
भाई मो. अहमद के मुताबिक एक वर्ष पूर्व भाई वकील अहमद की शादी हुई थी। हुसैनाबाद में उसकी ससुराल है। बीते चार माह पहले वह बिस्वा से आकर दौलतगंज में रफी अहमद के घर पत्नी खुशनुमा के साथ किराए पर रह रहा था। जानकारी के अनुसार लगभग डेढ़ माह पूर्व दोनों के घर एक बेटे ने जन्म लिया था। जिसकी कुछ समय बाद मौत हो गई थी। जिसके चलते परिवार वाले सदमे में थे। वहीं काम काज न होने के चलते भी वह काफी परेशान था। फिलहाल पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। जहां से रविवार को पोस्टमार्टम के बाद शव को परिवार वाले सीतापुर के लिए लेकर रवाना हो गए।