रामचरित मानस की चौपाई के मुद्दे पर समाजवादी पार्टी के महासचिव स्वामी प्रसाद मौर्य और सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी के अध्यक्ष ओमप्रकाश राजभर आमने-सामने हो गए हैं। रामचरित मानस के मुद्दे पर पिछड़े समाज के दो बड़े नेताओं के आमने सामने होने से मामला फिर गर्मा गया है।
स्वामी प्रसाद ने शुक्रवार को एक बार फिर ट्वीट कर रामचरित मानस का मुद्दा उठाते हुए कहा कि महिलाएं, शुद्र समाज खुद को नीच, अधम, प्रताड़ित और अपमानित होने से बचाएं। इसके जवाब में ओमप्रकाश राजभर ने कहा कि सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव और बसपा सुप्रीमो मायावती दलितों और पिछड़ों के सबसे बड़े दुश्मन है। राजभर ने कहा कि सत्ता पाने को आतुर स्वामी प्रसाद अब तो चिल्ला रहे हैं लेकिन पिछली बार रामचरित मानस पर माला अगरबत्ती चढ़ाकर अपनी बेटी के सांसद बनाया था।
स्वामी प्रसाद ने शुक्रवार सुबह ट्वीट किया कि सरकार, सरकारी खर्चे पर मानस का पाठ कराएं। उन्होंने कहा कि देश की महिलाएं व शूद्र समाज अपने को नीच, अधम, प्रताड़ित व अपमानित होने से बचाएं। उन्होंने कहा कि शूद्र समाज के सम्मान, स्वाभिमान की लड़ाई लड़ने वाले संतो, गुरुओं, महापुरुषों का जन्मदिन धूमधाम से मनाएं। उन्होंने संविधान पर चर्चा कराने व उद्देशिका बटवाने का आह्वान किया है।
उधर, सुभासपा अध्यक्ष ओमप्रकाश राजभर ने चंदौली में इस मुद्दे पर स्वामी प्रसाद पर हमला बोला। उन्होंने कहा कि स्वामी प्रसाद ने भाजपा सरकार में मंत्री रहते हुए यह मुद्दा कभी नहीं उठाया। तब उन्हें हिन्दुओं का अपमान याद नहीं आया था। उन्होंने कहा कि बसपा सरकार जाते देख स्वामी प्रसाद रामम् शरणम गच्छामी हो गए थे। इतना ही नहीं स्वामी प्रसाद ने तुलसीदास की रामचरित मानस पर माला फूल अगरबत्ती चढ़ाकार अपनी बेटी को सांसद बना लिया। उन्होंने कहा कि बसपा सरकार के शासन में नौकरी में पिछड़े व दलित समाज को हिस्सेदारी दिलाने के लिए जुबान तक नहीं खोली। यदि जुबान खोली होती तो मायावती जबान काट के हाथ में थमा देती।
भाजपा सरकार बनाने के लिए काम कर रहे अखिलेश
अखिलेश यादव के थर्ड फ्रंट बनाने को लेकर ममता बनर्जी से मुलाकात पर ओमप्रकाश राजभर ने तंज कसा है। उन्होंने कहा कि अखिलेश यादव भारतीय जनता पार्टी की सरकार बनाने के लिए काम कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि अभी ईडी और सीबीआई कितने लोगों को दौड़ा रही है तो वह थर्ड फ्रंट देख रहे हैं। उन्होंने कहा कि ईडी और सीबीआई भाजपा को ले डूबेगी।