लखनऊ में जज के घर के बाहर पसरा सन्नाटा
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जेईई मेन क्वालीफाई न कर पाने पर न्यायाधीश के बेटे ने बुधवार रात फांसी लगाकर जान दे दी। परिजनों ने पोस्टमार्टम नहीं कराया। कागजी कार्रवाई के बाद पुलिस ने शव सौंप दिया। इसके बाद परिजन शव लेकर अयोध्या चले गए और वहां अंतिम संस्कार किया।
मूलरूप से देवरिया निवासी एनआईए कोर्ट के विशेष न्यायाधीश विवेकानंद शरण त्रिपाठी बटलर पैलेस कॉलोनी में परिवार के साथ रहते हैं। बुधवार रात खाना खाने के बाद उनका बेटा अजितेश त्रिपाठी (19) अपने कमरे में चला गया। एडीसीपी सेंट्रल मनीषा सिंह के मुताबिक रात तीन से चार बजे के बीच विवेकानंद उठे तो देखा बेटे के कमरे का दरवाजा बंद है।
उन्होंने दरवाजा खटखटाया तो नहीं खुला। इस पर दरवाजा तोड़ा गया तो भीतर अजितेश पंखे से फंदे के सहारे लटका मिला। उसे फंदे से उतारकर सिविल अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया।अजितेश घर का इकलौता बेटा था। उससे छोटी दो बहनें हैं।
परीक्षा परिणाम को लेकर तनाव में था
हजरतगंज इंस्पेक्टर विक्रम सिंह ने बताया कि अजितेश परीक्षा परिणाम को लेकर बेहद तनाव में था। वह रिजल्ट न देख सके इसके लिए परिजनों ने पहले ही उसका मोबाइल अपने पास रख लिया था। लेकिन बुधवार रात जब परिणाम आया तो उसने लैपटॉप पर देख लिया।