हिमाचल प्रदेश में बाढ़ और अतिवृष्टि में फंसे यूपी के लोगों को सुरक्षित निकालने के लिए राहत विभाग ने कवायद शुरू की है। हिमाचल में फंसे सात लोग सुरक्षित हैं। जबकि तीन लोगों से संपर्क नहीं हो सका।
राहत आयुक्त जीएस नवीन कुमार के अनुसार हिमाचल प्रदेश में बाढ़, अतिवृष्टि के कारण वहां फंसे यूपी के लोग सुरक्षित हैं। राहत विभाग के कंट्रोल रूम को देवरिया की प्रियंका ज्योति, वाराणसी की रति, गाजियाबाद के हेमंत शर्मा, जालौन के कन्हैया, शाहजहांपुर की अर्चना, लखनऊ के परवेश और बदायूं के पंकज भी सुरक्षित हैं।
मेरठ के आर्यन त्यागी, लखनऊ के मो. शारिक, लखनऊ की आयुशी गोयल और बलरामपुर के अभय गौतम वापस लौट रहे हैं। कानपुर नगर के शिवांग, लखनऊ की आयुष तिवारी, और सीतापुर के गौरव श्रीवास्तव से संपर्क नहीं हो सका है।
चंदौली में बिजली गिरने से 85 भेड़ों की मौत
चंदौली में आकाशीय बिजली गिरने से 85 भेड़ों की मौत हो गई। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मामले में संज्ञान लेते हुए संबंधित भेड पालकों को चार हजार रुपये प्रति भेड़ की दर से सहायता राशि तुरंत देने के निर्देश दिए हैं। मुख्यमंत्री ने आकाशीय बिजली गिरने से आहत परिवारों को हर संभव सहायत देने के निर्देश दिए हैं।
हथिनी कुंड बैराज से पानी छोड़ने से आठ जिले प्रभावित
हथिनी कुंड बैराज से लगभग 1.90 लाख क्यूसेक पानी छोड़े जाने से पश्चिमी यूपी के आठ जिले प्रभावित हुए हैं। शामली, गाजियाबाद, गौतमबुद्धनगर, अलीगढ़, मथुरा, आगरा, फिरोजबाद व इटावा जिले के गांवों में जलभराव हुआ है। शामली में पांच गांव में जलभराव की स्थिति है लेकिन आबादी प्रभावित नहीं है।
गाजियाबाद गौतमबुद्धनगर, अलीगढ़, मथुरा, आगरा, फिरोजबाद व इटावा में बाढ़ की स्थिति नहीं है। सहारनपुर पहले से ही बाढ़ से प्रभावित है। लगभग 2000 लोग बाढ़ राहत शिविरों में रह रहे हैं। बिजनौर व मुरादाबाद वर्षा के रेड अलर्ट के संबंध में स्थिति सामान्य है।
प्राकृतिक आपदा से 12 लोगों की मौत
प्रदेश में बीते 24 घंटे में प्राकृतिक आपदा से 12 लोगों की मौत हुई है। वहीं सात जिलों में 30 एमएम से अधिक वर्षा हुई है। गढ़मुक्तेश्वर और बदायूं में कजलब्रिज पर गंगा नदी के बढ़ते जल स्तर से बृहस्पतिवार को बाढ़ का पूर्वानुमान है। बाराबंकी में घाघरा नदी के एल्गिनब्रिज भी बढ़ते जल स्तर से बाढ़ का खतरा है।
राहत आयुक्त जीएस नवीन कुमार के अनुसार प्रदेश के कई जिलों में बीते 24 घंटे में सामान्य से अधिक बारिश हुई है। बाराबंकी, बहराइच, गोंडा, हापुड., कन्नौज, चित्रकूट और सोनभद्र में 30 एमएम से अधिक वर्षा दर्ज की गई है। प्रदेश में 1 जून से वर्षा का औसत सामान्य के सापेक्ष 112 प्रतिशत है।
प्रदेश के 16 जिलों में अत्यधिक वर्षा, 18 जिलों में सामान्य से ज्यादा, 19 जिलों में सामान्य और 18 जिलों में सामान्य से कम और चार जिलों में बहुत कम बरसात हुई है। आकाशीय बिजली गिरने से बाराबंकी में एक व्यक्ति की मौत हुई है। पानी में डूबने से संतकबीर नगर में एक, फतेहपुर में एक, सुल्तानपुर में दो और सहारनपुर में पांच लोगों की मौत हुई है। सर्पदंश से गाजीपुर में एक व्यक्ति की मौत हुई है। अतिवृष्टि से संभल में एक व्यक्ति की मौत हुई है।
उन्होंने बताया कि सिंचाई विभाग की रिपोर्ट के अनुसार बदायूं में कचला ब्रिज पर गंगा, मुजफ्फरनगर के मावी में यमुना नदी खतरे के निशान से ऊपर बह रही है। सहारनपुर व मुजफ्फरनगर को छोड़कर कहीं भी अतिवृष्टि या जलभराव के कारण लोगों को बाढ़ शरणालय पर ले जाने की आवश्यकता नहीं पड़ी है। सहारनपुर के 92 गांव तथा 16 नगरी मोहल्ले बाढ़ से प्रभावित है। इन क्षेत्रों के 512 लोगों को 9 बाढ़ शरणालय में रखा गया है। मुजफ्फरनगर के बाढ़ से प्रभावित दो गांवों के 200 लोगों को बाढ़ शरणालय में रखा गया है।